
लियोनेल मेसी मंगलवार को फीफा वर्ल्ड कप क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने के लिए अर्जेंटीना की अगुवाई करते हुए मिस्र के खिलाफ उतरेंगे। इसके साथ ही अर्जेंटीना के स्टार खिलाड़ी की नजर गोल्डन बूट की रोमांचक रेस में फिर से बढ़त हासिल करने पर भी होगी।
अटलांटा में मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना का सामना मोहम्मद सलाह की अगुवाई वाली मिस्र टीम से होगा। इस मुकाबले की विजेता टीम सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए स्विट्जरलैंड या कोलंबिया से भिड़ेगी।
राउंड ऑफ 32 में अर्जेंटीना को वर्ल्ड कप में पहली बार खेल रही केप वर्डे टीम से कड़ी चुनौती मिली थी। अतिरिक्त समय में डिनी बोर्जेस के आत्मघाती गोल की मदद से अर्जेंटीना मुश्किल से जीत हासिल कर पाई थी।
अब मिस्र के खिलाफ अर्जेंटीना बेहतर प्रदर्शन करना चाहेगी। मिस्र अब तक फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर राउंड ऑफ 16 से आगे नहीं बढ़ पाया है।
अर्जेंटीना के कोच लियोनेल स्कालोनी ने कहा, “हम उतने ही सतर्क हैं जितने केप वर्डे के खिलाफ मैच से पहले थे। मिस्र भी एक मजबूत प्रतिद्वंद्वी है। वह बहुत अच्छी टीम है। उनके पास अहम खिलाड़ी हैं और एक ऐसा कोच है जो लंबे समय से उनके साथ काम कर रहा है। वे अच्छा फुटबॉल खेलते हैं और हमेशा अपने विरोधियों के लिए मुश्किलें पैदा करते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “सलाह एक शानदार खिलाड़ी हैं, उनके खिलाफ खेलना खुशी की बात होगी। हमारी टीम जानती है कि ऐसे बड़े खिलाड़ियों का सामना कैसे करना है और हम इसके लिए हमेशा कड़ी मेहनत करते हैं।”
स्कालोनी के मुताबिक, पिछले हफ्ते केप वर्डे के खिलाफ पूरे 120 मिनट खेलने के बावजूद 39 वर्षीय मेसी पूरी तरह फिट हैं और शुरुआत करने के लिए तैयार हैं।
गोल्डन बूट की रेस में मेसी, नॉर्वे के एर्लिंग हालैंड और फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे तीनों के सात-सात गोल हैं। हालांकि दो असिस्ट के कारण एम्बाप्पे फिलहाल आगे हैं।
मेसी और एम्बाप्पे के बीच वर्ल्ड कप इतिहास का सबसे ज्यादा गोल करने वाला खिलाड़ी बनने की भी टक्कर जारी है। फिलहाल मेसी 20 गोल के साथ एम्बाप्पे से सिर्फ एक गोल आगे हैं।
अर्जेंटीना को पता है कि उन्हें अब तक अजेय रही मिस्र टीम के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन करना होगा। मिस्र ने राउंड ऑफ 32 में ऑस्ट्रेलिया को पेनल्टी शूटआउट में हराकर आगे का सफर तय किया था।
लिवरपूल छोड़ने के बाद सलाह फिलहाल किसी क्लब से जुड़े नहीं हैं और इस टूर्नामेंट में चार मैचों में सिर्फ एक गोल कर पाए हैं।
मिस्र के कोच होसम हसन ने कहा कि उन्होंने अपने खिलाड़ियों को विरोधी टीम के नाम या रैंकिंग की चिंता किए बिना तैयार किया है।
उन्होंने कहा, “यह वर्ल्ड कप है। यह खुद को साबित करने का बड़ा मौका है और दिखाने का मौका है कि हम यहां खेलने के हकदार हैं।”
वहीं एक और मुकाबले में दो अजेय टीमें स्विट्जरलैंड और कोलंबिया वैंकूवर में आमने-सामने होंगी।
कोलंबिया को इस टूर्नामेंट की छुपी हुई मजबूत टीम माना जा रहा है, जिसे पीली जर्सी पहने हजारों जोशीले फैंस का समर्थन मिल रहा है।
2014 वर्ल्ड कप गोल्डन बूट विजेता जेम्स रोड्रिगेज और लुइस डियाज की मौजूदगी वाली नेस्टर लोरेंजो की टीम ने अब तक सिर्फ एक गोल खाया है।
दूसरी ओर स्विट्जरलैंड ने राउंड ऑफ 32 में अल्जीरिया को 2-0 से हराकर शानदार प्रदर्शन किया था, लेकिन टीम 1954 में मेजबानी करने के बाद से कभी क्वार्टर फाइनल तक नहीं पहुंच सकी है।
चारों टीमें अब क्वार्टर फाइनल में पहुंचकर पहले से मौजूद बड़ी टीमों — फ्रांस, मोरक्को, नॉर्वे, इंग्लैंड, स्पेन और बेल्जियम — के साथ शामिल होने की कोशिश करेंगी।







