नोवाक जोकोविच और यानिक सिनर की नजरें विंबलडन सेमीफाइनल मुकाबले पर!

नोवाक जोकोविच और यानिक सिनर के बीच विंबलडन सेमीफाइनल में रोमांचक भिड़ंत देखने को मिल सकती है, अगर दोनों खिलाड़ी मंगलवार को अपने-अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले जीत लेते हैं। वहीं महिला वर्ग में जापान की नाओमी ओसाका अपने पहले विंबलडन खिताब के एक कदम और करीब पहुंचने की कोशिश करेंगी।

जोकोविच का सामना कनाडा के फेलिक्स ऑगर-अलियासिमे से होगा। दोनों खिलाड़ियों का आपसी रिकॉर्ड फिलहाल 1-1 की बराबरी पर है।

भले ही उनके ज्यादातर साथी खिलाड़ी अब संन्यास ले चुके हैं, लेकिन जोकोविच आज भी टेनिस की दुनिया में शीर्ष स्तर पर बने हुए हैं। 24 ग्रैंड स्लैम खिताब और कई बड़ी उपलब्धियां हासिल करने के बावजूद 39 वर्षीय जोकोविच की और खिताब जीतने की भूख अभी भी कम नहीं हुई है।

जोकोविच रिकॉर्ड 25वां ग्रैंड स्लैम जीतने की कोशिश में हैं। इसके साथ ही वह रोजर फेडरर के आठ विंबलडन सिंगल्स खिताब के रिकॉर्ड की बराबरी करना चाहते हैं। अगर वह ऐसा करते हैं, तो ओपन एरा में ग्रैंड स्लैम जीतने वाले सबसे उम्रदराज पुरुष खिलाड़ी बन जाएंगे।

हालांकि यह सफर आसान नहीं होगा, क्योंकि उनके सामने कनाडा के उभरते खिलाड़ी ऑगर-अलियासिमे की चुनौती है, जो अपने पहले विंबलडन सेमीफाइनल में जगह बनाने की कोशिश करेंगे। इसके बाद जोकोविच की टक्कर मौजूदा चैंपियन सिनर से हो सकती है। यही वजह है कि जोकोविच खुद को फिट रखने के लिए नई तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

जोकोविच ने कहा, “मुझे लगता है कि अब मैं रिकवरी पर पहले से कहीं ज्यादा समय देता हूं। शरीर की जरूरतें बदल गई हैं, अब ज्यादा थकान और दबाव होता है।”

उन्होंने आगे कहा, “अपने पूरे करियर में मैंने हमेशा ऐसी चीजें खोजने की कोशिश की हैं जो मुझे बेहतर बना सकें। सबसे अच्छी रिकवरी और वेलनेस तकनीक क्या है, जैसे हाइपरबेरिक चैंबर, क्रायो चैंबर, ठंडे पानी की थेरेपी, रेड लाइट थेरेपी और कई अन्य चीजों का मैंने इस्तेमाल किया है।”

नाओमी ओसाका और कैरोलिना मुचोवा के बीच भी कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है। दोनों का आपसी रिकॉर्ड 3-3 की बराबरी पर है।

जापान की स्टार खिलाड़ी ओसाका आखिरकार विंबलडन में शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। अपने पिछले ग्रैंड स्लैम खिताब के पांच साल बाद वह एक बार फिर बड़ी सफलता की ओर बढ़ रही हैं। 28 वर्षीय ओसाका ने मेलबर्न और न्यूयॉर्क में दो-दो बार ग्रैंड स्लैम जीते हैं, लेकिन लंदन में उन्हें अब तक ज्यादा सफलता नहीं मिली थी।

चौथे दौर में दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी आर्यना सबालेंका को हराने के बाद ओसाका का आत्मविश्वास बढ़ा है। पहली बार विंबलडन क्वार्टर फाइनल में पहुंचीं ओसाका अब अपने खेल से बड़ा संदेश देना चाहती हैं। वहीं 29 वर्षीय मुचोवा, जो फ्रेंच ओपन की पूर्व फाइनलिस्ट हैं, पहली बार विंबलडन सेमीफाइनल में पहुंचने की कोशिश करेंगी।

यानिक सिनर और जान-लेनार्ड स्ट्रफ के बीच मुकाबले से पहले सिनर का पलड़ा भारी नजर आ रहा है। दोनों के बीच हुए पिछले तीनों मुकाबलों में सिनर ने जीत हासिल की है।

इस हफ्ते लंदन में गर्मी बढ़ने के कारण सिनर के सामने अपनी फिटनेस साबित करने की चुनौती भी होगी। हाल ही में फ्रेंच ओपन के दौरान गर्म परिस्थितियों में 24 वर्षीय इटली के खिलाड़ी सिनर संघर्ष करते नजर आए थे, जहां उन्हें जुआन मैनुअल सेरुंडोलो के खिलाफ चौंकाने वाली हार मिली थी।

चार बार के ग्रैंड स्लैम विजेता सिनर लगातार दूसरी बार विंबलडन जीतने की कोशिश में हैं। उनका सामना 36 वर्षीय स्ट्रफ से होगा, जो ओपन एरा में ग्रैंड स्लैम क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ियों में से एक हैं।

सिनर ने कहा, “मुझे लगता है कि मैं अच्छी तरह तैयार हूं। हमने अच्छी तैयारी की है। अतीत में जो हुआ, वह अब खत्म हो चुका है। अब देखना है कि हमने समाधान ढूंढ लिया है या नहीं।”

उन्होंने आगे कहा, “ग्रैंड स्लैम क्वार्टर फाइनल की भावना अलग होती है। दबाव जरूर ज्यादा होता है, लेकिन मैं अभी जहां हूं उससे खुश हूं। देखते हैं आगे क्या होता है।”

वहीं महिला वर्ग में जेसिका पेगुला और कोको गॉफ के बीच ऑल-अमेरिकन मुकाबला होगा। दोनों के आपसी रिकॉर्ड में पेगुला 5-3 से आगे हैं।

32 वर्षीय पेगुला अभी तक कोई ग्रैंड स्लैम खिताब नहीं जीत पाई हैं और दूसरी बार विंबलडन क्वार्टर फाइनल खेल रही हैं। दूसरी ओर दो बार की ग्रैंड स्लैम विजेता गॉफ पहली बार ऑल इंग्लैंड क्लब के क्वार्टर फाइनल में पहुंची हैं।

दोनों खिलाड़ी पहली बार विंबलडन सेमीफाइनल में जगह बनाने के इरादे से कोर्ट पर उतरेंगी।