वैभव सूर्यवंशी के ऐतिहासिक डेब्यू ने दिखाई भारत की ट्रांजिशन योजना की झलक!

बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने सोमवार को कहा कि वैभव सूर्यवंशी का डेब्यू उसी समय तय हो गया था जब उन्हें भारतीय टीम में शामिल किया गया था। उन्होंने कहा कि टीम मैनेजमेंट इस युवा बल्लेबाज को किसी खास तरीके से तैयार नहीं कर रहा था।

पिछले हफ्ते इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 इंटरनेशनल में जब सूर्यवंशी को प्लेइंग XI में शामिल किया गया, तो वह 15 साल और 99 दिन की उम्र में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए।

तीसरे टी20 मुकाबले से पहले मीडिया से बात करते हुए कोटक ने कहा, “जिस समय वह टीम में आए थे, तभी से उनका डेब्यू तय था। ऐसा कुछ नहीं था कि वह सिर्फ पिछले मैच में ही डेब्यू के लिए तैयार हुए।”

उन्होंने आगे कहा, “हमारे लिए बात उनके खेल, उनके स्वाभाविक अंदाज और जिस तरीके से खेलते हुए वह यहां तक पहुंचे हैं, उसी को जारी रखने की थी।”

कोटक ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि उन्हें कोई खास निर्देश दिए गए थे कि यह करो या वह करो।”

पूर्व सौराष्ट्र बल्लेबाज के अनुसार, भारतीय टीम इस समय नए कप्तान श्रेयस अय्यर के नेतृत्व में बदलाव के दौर से गुजर रही है और हार्दिक पांड्या जैसे मजबूत ऑलराउंडर की कमी महसूस कर रही है।

उन्होंने कहा, “देखिए, हमारी कोशिश तीनों विभागों — बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग — में सुधार करने की है। पिछले वर्ल्ड कप को हमने जीता था और अब योजना यह है कि अगर अगला वर्ल्ड कप दो साल बाद आता है, तो हम इससे अगले स्तर तक कैसे पहुंच सकते हैं, क्योंकि बाकी टीमें भी बेहतर बनने की कोशिश करेंगी।”

कोटक ने कहा, “पिछले दो साल में हमने एक भी सीरीज नहीं हारी। हमने टी20 वर्ल्ड कप जीता, एशिया कप टी20 जीता। लेकिन दो-तीन मैच हारने के बाद कई लोग कहने लगे कि अब टीम हार रही है।”

उन्होंने आगे कहा, “यह खेल का हिस्सा है। कभी-कभी जब बदलाव का दौर होता है — कप्तान बदल गया है, हार्दिक टीम में नहीं हैं और आप 3-4 युवा खिलाड़ियों को मौका दे रहे हैं — तब ऐसी चीजें हो सकती हैं, हालांकि ऐसा नहीं होना चाहिए। भारतीय टीम की कोशिश हमेशा वही रहती है।”

कोटक ने कहा, “हर किसी की अपनी सीमाएं होती हैं, लेकिन हम हमेशा बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग में सुधार करने की कोशिश करते हैं। अगर हमें अगला वर्ल्ड कप जीतना है, तो हमें और बेहतर होना होगा। हमें पिछले वर्ल्ड कप से भी अच्छा प्रदर्शन करना होगा।”

कोटक के मुताबिक टी20 क्रिकेट में तेज गेंदबाजी करने वाले ऑलराउंडर की हमेशा जरूरत होती है और हार्दिक पांड्या की गैरमौजूदगी में नीतीश कुमार रेड्डी और सूर्यांश शेडगे जैसे खिलाड़ियों को मौका दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा, “टी20 में अगर आप छठे गेंदबाज की बात करते हैं, तो तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर की भूमिका बेहद अहम हो जाती है।”

कोटक ने आगे कहा, “इस टीम में सूर्यांश हैं, जिन्होंने आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन किया था। इन सभी युवा खिलाड़ियों में से सभी 15 खिलाड़ियों को खेलने का मौका नहीं मिल सकता, लेकिन अगर वे टीम के साथ रहते हैं तो उन्हें माहौल की आदत हो जाती है। बीच में काफी घरेलू क्रिकेट और आईपीएल भी है।”

उन्होंने कहा, “हार्दिक जिस तरह प्रदर्शन करते हैं और उनके पास जो अनुभव और क्वालिटी है, उसकी बराबरी करने के लिए नीतीश (जो अभी चोटिल हैं) अनुभव हासिल कर रहे हैं। सूर्यांश अभी टीम से जुड़े हैं। लेकिन अगर आप प्रक्रिया देखें तो बीसीसीआई, चयनकर्ता और टीम मैनेजमेंट हमेशा किसी बड़े टूर्नामेंट के लिए सर्वश्रेष्ठ तैयारी करने की कोशिश करते हैं, भले ही वह दो साल दूर क्यों न हो।”