
किलियन एम्बाप्पे ने पेनल्टी स्पॉट से मैच का एकमात्र गोल दागा, जिसकी बदौलत फ्रांस ने शनिवार को फीफा वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ 16 मुकाबले में पैराग्वे को 1-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। अब फ्रांस का सामना क्वार्टर फाइनल में मोरक्को से होगा।
फिलाडेल्फिया की भीषण गर्मी में खेले गए इस मुकाबले में फ्रांस को एक अनुशासित पैराग्वे टीम के खिलाफ जीत के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा। पैराग्वे ने पूरे मैच के दौरान फ्रांस के लिए मुश्किलें पैदा कीं।
मैच शुरू होने से पहले ही फ्रांस को बड़ा झटका लगा, जब मिडफील्डर ऑरेलियन चुआमेनी मांसपेशियों की चोट के कारण बाहर हो गए। उनकी जगह मनु कोने को एड्रियन रैबियोट के साथ शुरुआती लाइनअप में शामिल किया गया, जबकि पैराग्वे ने रक्षात्मक 5-4-1 फॉर्मेशन अपनाया।
39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुके तापमान में फ्रांस ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा, लेकिन पैराग्वे की मजबूत डिफेंस को तोड़ने में उसे काफी परेशानी हुई।
पहले हाफ में दोनों टीमों में से कोई भी गोल पर शॉट लगाने में सफल नहीं रही। फ्रांस की ओर से एड्रियन रैबियोट, मनु कोने और उस्मान डेम्बेले ने गोल करने की कोशिश की, जबकि पैराग्वे के लिए जूलियो एनसिसो सबसे बड़ा अटैकिंग खतरा साबित हुए।
दूसरे हाफ में आखिरकार फ्रांस को सफलता मिली, जब सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी डिजायर डूए को डिएगो गोमेज ने पेनल्टी एरिया के अंदर गिरा दिया।
VAR रिव्यू के बाद रेफरी इलगिज तांताशेव ने पेनल्टी का फैसला सुनाया और एम्बाप्पे ने 70वें मिनट में बेहद शांत अंदाज में गेंद को गोल में पहुंचा दिया। यह इस टूर्नामेंट में उनका सातवां गोल और उनके करियर का 19वां वर्ल्ड कप गोल था।
आखिरी मिनटों में पैराग्वे ने वापसी की पूरी कोशिश की और 90वें मिनट में फ्रांस के गोलकीपर माइक मैगनन को मैच का अपना पहला सेव करना पड़ा।
फ्रांस के पास भी मैच पूरी तरह अपने नाम करने के मौके आए, लेकिन स्टॉपेज टाइम में पैराग्वे के गोलकीपर ऑरलैंडो गिल ने एम्बाप्पे के दो प्रयासों को शानदार तरीके से रोक दिया।
अंतिम समय के दबाव के बावजूद फ्रांस ने अपनी बढ़त कायम रखी और कड़ी मेहनत से जीत हासिल करते हुए क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया। अब अगले दौर में फ्रांस का सामना मोरक्को से होगा।







