फीफा विश्व कप: नारों, विरोध प्रदर्शनों और चार गोलों के बीच ईरान और न्यूजीलैंड का मुकाबला 2-2 से ड्रॉ!

सोमवार को लॉस एंजिल्स स्टेडियम में खेले गए रोमांचक मुकाबले में ईरान ने दो बार पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए न्यूजीलैंड के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ खेला। यह मैच तेहरान सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों और अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए संभावित शांति समझौते की चर्चाओं के बीच और भी ज्यादा चर्चा में रहा।

न्यूजीलैंड के शुरुआती गोल का जश्न कुछ ऐसे दर्शकों ने मनाया जो ईरानी सरकार का विरोध करते हैं। उनमें से कई लोगों ने ईरान के क्रांति-पूर्व लायन एंड सन झंडे लहराए, जबकि कुछ ने मैच शुरू होने से पहले राष्ट्रगान के दौरान हूटिंग भी की।

हालांकि, 70,000 से अधिक दर्शकों की भीड़ में अधिकांश लोग ईरान के समर्थन में थे। जैसे ही रामिन रेजाइयान ने पहले हाफ के आधे घंटे बाद बराबरी का गोल दागा, स्टेडियम “ईरान! ईरान!” के नारों से गूंज उठा।

रेजाइयान उन कई ईरानी खिलाड़ियों में शामिल थे जिन्होंने फरवरी के बाद क्लब फुटबॉल नहीं खेली थी, क्योंकि अमेरिकी और इजरायली हवाई हमलों के दौरान घरेलू लीग स्थगित कर दी गई थी। एक शॉट ब्लॉक होने के बाद उन्होंने सबसे तेज प्रतिक्रिया दिखाई और गेंद को गोलकीपर के पास से नेट में पहुंचा दिया।

दूसरे हाफ की शुरुआत में न्यूजीलैंड ने फिर बढ़त हासिल कर ली। कप्तान क्रिस वुड और बेन वेन के बीच शानदार मूव बना। वुड ने बेहतरीन पास दिया, जिसे जस्ट ने गोल में बदलकर स्कोर 2-1 कर दिया।

लेकिन ईरान ने दस मिनट बाद फिर वापसी की। मोहम्मद मोहब्बी ने रेजाइयान के सटीक क्रॉस पर शानदार हेडर लगाकर गेंद को दूर वाले पोस्ट से अंदर पहुंचाया और स्कोर 2-2 कर दिया।

इस ड्रॉ के बाद ग्रुप-जी की सभी टीमों के खाते में एक-एक अंक हो गया है। इससे पहले सोमवार को बेल्जियम और मिस्र का मुकाबला भी 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ था।

विश्व कप के फाइनल चरण में केवल तीसरी बार खेल रहे न्यूजीलैंड को अब भी टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत का इंतजार है। सात मैच खेलने के बावजूद टीम एक भी मुकाबला नहीं जीत सकी है। वहीं, ईरान पहली बार विश्व कप के नॉकआउट चरण में पहुंचने की उम्मीद लगाए हुए है।

इस मैच ने ईरानी-अमेरिकी समुदाय के भीतर मौजूद मतभेदों को भी उजागर किया। कई दर्शकों ने कहा कि वे खुद को दुविधा में महसूस कर रहे हैं। एक ओर उन्हें विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर ईरान को खेलते देखकर गर्व हो रहा था, वहीं दूसरी ओर वे ईरानी सरकार द्वारा प्रदर्शनकारियों के साथ किए जा रहे व्यवहार और हालिया अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों को लेकर चिंतित भी थे।

किक-ऑफ से पहले लगभग 300 से 500 प्रदर्शनकारी स्टेडियम के बाहर जमा हुए और सरकार विरोधी पोस्टर व झंडे लेकर प्रदर्शन किया।

कुछ ईरानी-अमेरिकियों का मानना था कि मैच देखने जाना ईरानी सरकार का समर्थन करने जैसा माना जा सकता है, जबकि अन्य का कहना था कि वे राजनीति और फुटबॉल को अलग रखकर राष्ट्रीय टीम और खिलाड़ियों का समर्थन कर सकते हैं।

अब ईरान रविवार को लॉस एंजिल्स में बेल्जियम का सामना करेगा, जबकि न्यूजीलैंड उसी दिन वैंकूवर में मिस्र के खिलाफ मैदान में उतरेगा।