डबल्स पार्टनर म्बोको की चोट से सेरेना विलियम्स की क्वीन्स क्लब में वापसी पर मंडराया संकट!

सेरेना विलियम्स ने क्वीन्स क्लब में आयोजित WTA टूर इवेंट में अपने पहले डबल्स मुकाबले में जीत दर्ज कर प्रतिस्पर्धी टेनिस में शानदार वापसी की। हालांकि, टेनिस दिग्गज का दूसरा मुकाबला अब संदेह के घेरे में है, क्योंकि उनकी डबल्स जोड़ीदार विक्टोरिया म्बोको अपने शुरुआती सिंगल्स मैच के दौरान चोटिल होकर मुकाबले से बाहर हो गईं।

44 वर्षीय सेरेना ने मंगलवार को लंदन में कनाडा की युवा खिलाड़ी विक्टोरिया म्बोको के साथ कोर्ट पर वापसी की थी। दोनों ने अपने पहले डबल्स मैच में निकोल मेलिचार-मार्टिनेज और एरिन राउटलिफ को हराया था।

अब दोनों को गुरुवार को घास के कोर्ट पर खेले जा रहे इस टूर्नामेंट में लेयला फर्नांडेज़ और लॉरा सीगेमुंड की जोड़ी का सामना करना था। यह टूर्नामेंट विंबलडन से पहले एक महत्वपूर्ण वार्म-अप प्रतियोगिता माना जाता है।

इस बीच, सिंगल्स ड्रॉ में पहले दौर में बाई मिलने वाली म्बोको अपने मैच में कैरोलिना प्लिस्कोवा के खिलाफ एक सेट से पीछे थीं, लेकिन दूसरे सेट में 4-3 से आगे चल रही थीं। इसी दौरान बेसलाइन के पीछे एक शॉट तक पहुंचने की कोशिश में उनका पैर फिसल गया और उनका शरीर असहज रूप से स्प्लिट की स्थिति में चला गया।

इस घटना को देखकर दर्शकों में चिंता की लहर दौड़ गई।

19 वर्षीय म्बोको दर्द में नजर आईं और मेडिकल स्टाफ तुरंत उनकी मदद के लिए कोर्ट पर पहुंचा। हालांकि वह दोबारा खड़ी होने में सफल रहीं, लेकिन साफ दिखाई दे रहा था कि उन्हें काफी परेशानी हो रही है।

बाद में आधिकारिक तौर पर बताया गया कि उन्हें बाएं घुटने में चोट लगी है। कोर्टसाइड माइक्रोफोन पर म्बोको को यह कहते हुए सुना गया,

“अभी कोई स्थिरता नहीं है।”

चोट को लेकर अपनी टीम से बात करते समय उन्होंने तौलिये से अपना चेहरा ढक लिया। कई मिनट तक चर्चा और उपचार के बाद अंपायर ने उनके मुकाबले से हटने की घोषणा की।

इसके बाद दर्शकों ने उनके साहस की सराहना करते हुए गर्मजोशी और सहानुभूति से तालियां बजाईं।

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Manish Kumar
मनीष कुमार एक अनुभवी खेल पत्रकार हैं, जिन्हें खेल पत्रकारिता में 25 से ज़्यादा सालों का अनुभव है। वह खास तौर पर क्रिकेट के विशेषज्ञ माने जाते हैं, खासकर टेस्ट क्रिकेट जैसे लंबे और चुनौतीपूर्ण फॉर्मेट में। उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया ऑनलाइन के साथ करीब 16.5 साल तक काम किया, जहां उन्होंने बड़े क्रिकेट आयोजनों की कवरेज की और गहराई से विश्लेषण वाले लेख और उनकी भरोसेमंद राय पेश की। टेस्ट क्रिकेट के प्रति उनका जुनून उनकी लेखनी में साफ दिखाई देता है, जहां वह खेल की बारीकियों, रणनीतिक मुकाबलों और खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन को सरल और स्पष्ट तरीके से समझाते हैं। मनीष अपनी तेज़ नज़र और डिटेल्स पर ध्यान देने के लिए जाने जाते हैं। आज भी वह क्रिकेट के रोमांच, जटिलताओं और कहानी को दुनिया भर के प्रशंसकों तक जीवंत अंदाज़ में पहुंचाते हैं।