IPL 2026: क्यों वरुण चक्रवर्ती ने टूटे हुए टो के बावजूद कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेला!

कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने खुलासा किया कि उन्होंने मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती को बाएं पैर की उंगली में फ्रैक्चर होने के बावजूद तभी खेलने की अनुमति दी, जब मेडिकल टीम से पूरी मंजूरी मिल गई।

इस महीने की शुरुआत में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ KKR के मैच के दौरान ईशान किशन का सीधा शॉट वरुण चक्रवर्ती के जूते पर लगा था, जिससे उनके पैर की उंगली में हेयरलाइन फ्रैक्चर हो गया। इससे पहले भी वरुण अपने गैर-बॉलिंग हाथ की दो उंगलियों में फ्रैक्चर के साथ खेल चुके थे। यह इस सीजन उनकी तीसरी चोट थी।

रविवार को KKR के आखिरी लीग मैच के बाद रहाणे ने पत्रकारों से कहा, “देखिए, हमारी टीम के फिजियो, BCCI के फिजियो और भारतीय टीम के फिजियो के बीच इस पर चर्चा हुई थी। मैं उस विभाग में बिल्कुल दखल नहीं देता। वह उनका काम है। मेरा काम यह देखना है कि खिलाड़ी की मानसिकता कैसी है, वह खेलना चाहता है या नहीं और जोखिम कितना बड़ा है।”

उन्होंने आगे कहा, “हां, फिट रहना और स्वास्थ्य का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। चोट और न बढ़े, इस पर हम ध्यान देते हैं। लेकिन फिजियो का मानना था कि उनकी चोट और गंभीर नहीं होगी।”

फ्रैक्चर के बावजूद वरुण ने KKR के लिए खेलना जारी रखा।

क्योंकि वरुण BCCI के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्टेड खिलाड़ी हैं, इसलिए उनकी चोटों को संभालने के लिए BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, भारतीय टीम के फिजियो और KKR की मेडिकल टीम ने मिलकर काम किया।

फ्रेंचाइज़ियों को सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट वाले खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर BCCI को नियमित अपडेट देना होता है, खासकर तब जब चोट बढ़ने का खतरा हो। रहाणे ने कहा कि दर्द के बावजूद खेलने की वरुण की इच्छा उनकी टीम के प्रति प्रतिबद्धता दिखाती है।

रहाणे ने कहा, “वरुण खेलने के लिए पूरी तरह उत्सुक था। इसका पूरा श्रेय उसी को जाता है क्योंकि ऐसी चोट में आप दिखाते हैं कि टीम आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण है। वरुण पूरी तरह तैयार था।”

“हां, हमें एक मैच में उसे आराम देना पड़ा क्योंकि उसे काफी दर्द था। लेकिन उसका मानना था कि वह खेल सकता है। यह बात उसी की तरफ से आई थी।”

उन्होंने आगे कहा, “जब कोई खिलाड़ी खुद कहता है कि वह खेल सकता है, तो इससे फिजियो और टीम दोनों को सकारात्मक संदेश मिलता है कि वह मैदान में उतरना चाहता है। उसने खेलने की अपनी उत्सुकता दिखाई। वहीं चोट से जुड़े जोखिम को फिजियो ने संभाला और उन्हें लगा कि चोट और नहीं बढ़ेगी।”

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Manish Kumar
मनीष कुमार एक अनुभवी खेल पत्रकार हैं, जिन्हें खेल पत्रकारिता में 25 से ज़्यादा सालों का अनुभव है। वह खास तौर पर क्रिकेट के विशेषज्ञ माने जाते हैं, खासकर टेस्ट क्रिकेट जैसे लंबे और चुनौतीपूर्ण फॉर्मेट में। उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया ऑनलाइन के साथ करीब 16.5 साल तक काम किया, जहां उन्होंने बड़े क्रिकेट आयोजनों की कवरेज की और गहराई से विश्लेषण वाले लेख और उनकी भरोसेमंद राय पेश की। टेस्ट क्रिकेट के प्रति उनका जुनून उनकी लेखनी में साफ दिखाई देता है, जहां वह खेल की बारीकियों, रणनीतिक मुकाबलों और खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन को सरल और स्पष्ट तरीके से समझाते हैं। मनीष अपनी तेज़ नज़र और डिटेल्स पर ध्यान देने के लिए जाने जाते हैं। आज भी वह क्रिकेट के रोमांच, जटिलताओं और कहानी को दुनिया भर के प्रशंसकों तक जीवंत अंदाज़ में पहुंचाते हैं।