
गुजरात टाइटंस के ओपनर बी साई सुदर्शन ने गुरुवार को अहमदाबाद में होने वाले अपने आखिरी लीग मैच से पहले कहा कि टीम का पूरा फोकस टॉप-2 में जगह पक्की करने पर है, न कि नेट रन रेट के बारे में ज्यादा सोचने पर। उन्होंने टीम की धीमी बल्लेबाजी रणनीति को लेकर हो रही आलोचनाओं पर भी प्रतिक्रिया दी।
गुजरात टाइटंस फिलहाल अंक तालिका में दूसरे स्थान पर है और प्लेऑफ के लिए क्वालिफाई कर चुकी है। हालांकि, पहले ही बाहर हो चुकी चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ जीत टीम की टॉप-2 में जगह मजबूत कर सकती है, जिससे उन्हें फाइनल में पहुंचने के दो मौके मिलेंगे।
पीटीआई के अनुसार, मैच से पहले साई सुदर्शन ने पत्रकारों से कहा, “सबसे जरूरी बात यह है कि हम अच्छा क्रिकेट खेलें और कल (गुरुवार) जीत हासिल करें।”
उन्होंने आगे कहा, “हम इस स्थिति में नहीं हैं कि बहुत बड़े अंतर से जीतने या विशाल जीत के बारे में सोचें। हमारा फोकस वही सही चीजें करने पर है जो हम पूरे टूर्नामेंट में करते आए हैं और पहले जीत हासिल करने पर है। अगर हम उस स्थिति में पहुंचते हैं, तो हर टीम की तरह हम भी मैच को आराम से खत्म करना चाहेंगे और खुद को टॉप-2 में रहने का सबसे अच्छा मौका देना चाहेंगे।”
इस सीजन साई सुदर्शन गुजरात की बल्लेबाजी का अहम हिस्सा रहे हैं। उन्होंने 157.83 के शानदार स्ट्राइक रेट से 554 रन बनाए हैं। हालांकि, गुजरात इस मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ खराब फील्डिंग प्रदर्शन के बाद उतर रही है, जहां टीम ने कई कैच छोड़े और 29 रन से हार गई।
फील्डिंग पर बात करते हुए सुदर्शन ने कहा कि टीम ने इस मुद्दे पर अंदरूनी चर्चा की है और फील्डिंग में रवैया और जुनून बहुत मायने रखता है।
उन्होंने कहा, “पूरे टूर्नामेंट में हमने अच्छी फील्डिंग की है। सिर्फ एक मैच में हमने कुछ कैच छोड़े। हमने इस पर बातचीत की। यह सब एटीट्यूड और मैच में फर्क पैदा करने की इच्छा पर निर्भर करता है। हमने फील्डिंग ग्रुप के तौर पर एटीट्यूड और इंटेंट पर चर्चा की और मुझे लगता है कि इसका असर इस मैच में दिखेगा।”
आईपीएल 2026 में जिस 300 रन के स्कोर की काफी चर्चा थी, वह अब तक देखने को नहीं मिला। इस पर सुदर्शन ने कहा कि इसके पीछे कई कारण हैं।
उन्होंने कहा, “दो बातें हो सकती हैं। पहली, मुझे लगता है कि जहां भी हम खेले हैं, वहां की विकेट्स थोड़ी मुश्किल रही हैं। बल्लेबाजी के लिए पूरी तरह आसान पिच नहीं मिली। दूसरी बात, 300 रन बनाना इतना आसान भी नहीं है। इसके लिए बल्लेबाजी यूनिट के हर खिलाड़ी को पहली गेंद से ही आक्रामक खेलना होगा। तभी 300 संभव है।”
उन्होंने आगे कहा, “और गेंदबाजी करने वाली टीम को भी बहुत खराब गेंदबाजी करनी पड़ेगी। सच कहूं तो किसी टीम के 300 तक पहुंचने के लिए गेंदबाजों को बेहद खराब प्रदर्शन करना होगा। मैं यहां कुछ गलत नहीं कह रहा, लेकिन ऐसा स्कोर बनाना आसान नहीं है।”








