
आईपीएल ऑक्शन के दिन जम्मू-कश्मीर के स्टार खिलाड़ी आक़िब नबी अपने बारामुला स्थित घर में थे, जहां बाहर लोगों की भीड़ उनके आईपीएल में चयन का जश्न मना रही थी। हालांकि, उनका कहना है कि भारत के लिए खेलना और मैच जीतना ही उनका “अंतिम लक्ष्य” है।
नबी पहले ही अपनी रेड-बॉल क्रिकेट की शानदार परफॉर्मेंस से पहचान बना चुके थे, खासकर रणजी ट्रॉफी में जम्मू-कश्मीर की ऐतिहासिक जीत में उनकी अहम भूमिका रही। अब वह उसी अनुशासन और निरंतरता के साथ दिल्ली कैपिटल्स के लिए भी प्रदर्शन करना चाहते हैं।
“मेरे लिए यह पैसों की बात नहीं थी, मैं सिर्फ आईपीएल में खेलने का मौका चाहता था। चाहे मुझे बेस प्राइस 30 लाख ही मिलता, तब भी मैं खेलना चाहता था। लेकिन यह अच्छा लगा कि दिल्ली कैपिटल्स ने मुझे इतनी बड़ी रकम में खरीदा,” नबी ने कहा, जिन्हें 8.40 करोड़ रुपये में खरीदा गया।
उन्होंने बताया, “ऑक्शन के दिन मैं घर पर था क्योंकि अगले दिन विजय हजारे ट्रॉफी का कैंप शुरू होना था। जैसे ही मेरा नाम आया, लोग भावुक हो गए। इतने सालों की मेहनत के बाद यह पल आया था। मेरे परिवार के लोग भी भावुक हो गए थे, यह देखकर मैं भी भावुक हो गया।”
नबी ने आगे कहा, “मैंने अपने दोस्तों या गांव वालों को नहीं बताया था कि मैं घर पर हूं। बाहर बहुत शोर था। मैं कमरे में बंद था और बाहर हो रही हलचल देख रहा था। लोग खुश होकर नाच रहे थे, यह देखकर अच्छा लगा।”
जम्मू-कश्मीर की रणजी ट्रॉफी जीत के बाद पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने कहा था कि नबी भारत के लिए खेलने की राह पर हैं। नबी मानते हैं कि आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन करना उस दिशा में एक बड़ा कदम होगा।
उन्होंने कहा, “आईपीएल बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह एक वैश्विक टूर्नामेंट है, जिसे पूरी दुनिया देखती है। यहां प्रतियोगिता भी काफी कठिन है। हमारा चयन घरेलू क्रिकेट के प्रदर्शन पर होता है और मैंने रेड-बॉल क्रिकेट में अच्छा किया है।”
हालांकि, नबी फिलहाल चयन को लेकर ज्यादा नहीं सोच रहे हैं।
“मैं सिर्फ वही कर रहा हूं जो मेरे नियंत्रण में है। मेरा फोकस आईपीएल पर है और मैं इसमें अच्छा प्रदर्शन करना चाहता हूं। भारत के लिए खेलना और मैच जीतना मेरा सपना है, लेकिन अभी मैं आईपीएल पर ध्यान दे रहा हूं,” उन्होंने कहा।
नबी को अपनी व्हाइट-बॉल क्रिकेट क्षमताओं पर भी पूरा भरोसा है।
“मेरी ताकत नई गेंद से स्विंग कराना है और डेथ ओवर्स में यॉर्कर और स्लोअर गेंदें डालना। मैं कोच के साथ काम कर रहा हूं, लेकिन अपनी ताकत से दूर नहीं जाऊंगा और टीम को जिताने की कोशिश करूंगा,” उन्होंने कहा।
29 वर्षीय नबी ने माना कि उन पर उम्मीदों का दबाव रहेगा, लेकिन वह इससे प्रभावित नहीं होना चाहते।
“उम्मीदें तो रहेंगी, लेकिन मैं सिर्फ अपने खेल पर ध्यान दे रहा हूं। ऑक्शन से पहले मेरे मन में कोई कीमत नहीं थी, मैं सिर्फ इस स्तर पर खुद को साबित करना चाहता था,” उन्होंने कहा।
नबी को उम्मीद है कि रणजी ट्रॉफी जीत के बाद जम्मू-कश्मीर में क्रिकेट का ढांचा और बेहतर होगा।
“पहले लोग सोचते थे कि हमारी टीम को 1-2 दिन में हरा सकते हैं, लेकिन अब चीजें बदल गई हैं। पहले हमारे पास कोई रोल मॉडल नहीं था, लेकिन अब बच्चे देख रहे हैं कि यहां से भी खिलाड़ी आईपीएल और भारत तक पहुंच सकते हैं,” उन्होंने कहा।
अब सबकी नजरें इस बात पर होंगी कि क्या आक़िब नबी आईपीएल 2026 में अपने प्रदर्शन से टीम इंडिया तक पहुंचने का सपना पूरा कर पाते हैं।








