दलीप ट्रॉफी: लाल गेंद क्रिकेट में वापसी पर जूझते नज़र आए मोहम्मद शमी!

बेंगलुरु में गुरुवार को शुरू हुए दलीप ट्रॉफी क्वार्टरफ़ाइनल के पहले दिन ईस्ट ज़ोन ने युवा बाएँ हाथ के स्पिनर मनीषी के शानदार प्रदर्शन की बदौलत नॉर्थ ज़ोन को 308/6 पर रोक दिया। सीनियर पेसर मोहम्मद शमी प्रभावी तो रहे, लेकिन बहुत घातक नहीं दिखे।

सपाट पिच पर नॉर्थ ज़ोन के मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज़ आयुष बदोनी ने 60 गेंदों पर बेहतरीन 63 रन बनाए। हालांकि बाक़ी बल्लेबाज़ मज़बूत शुरुआत के बावजूद बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर पाए।

लेकिन सबकी नज़रें शमी पर थीं, जो नवंबर 2024 के बाद अपना पहला फ़र्स्ट-क्लास मैच खेल रहे थे।

शमी की गेंदबाज़ी

अपने शुरुआती दो स्पेल में शमी लय में नहीं दिखे। तेज़ गेंदबाज़ी की सामान्य धार गायब थी, शायद वह लंबे फ़ॉर्मेट की मांगों के हिसाब से शरीर को ढालने की कोशिश कर रहे थे।

सुबह के सत्र में उनका पहला स्पेल (5-2-10-0) और दूसरा (3-0-10-0) काफ़ी संयमित रहा। लंच के बाद तीसरे स्पेल (4-2-9-0) में असली शमी लौटते दिखे। उन्होंने बल्लेबाज़ों को ऑफ़ स्टंप के बाहर छकाया और इन-डिपर से भी परेशान किया।

चौथे स्पेल (5-0-26-1) में उन्हें पहली सफलता मिली। साहिल लोत्रा ने ढीली गेंद पर ऑफ़ स्टंप के बाहर शॉट खेला और कैच दे बैठे।

कुल मिलाकर शमी ने दिन भर में 17 ओवर (1/55) फेंके। हालाँकि वे अपने पूरे चरम पर नज़र नहीं आए, लेकिन लंबे स्पेल फेंकने से उन्हें और चयनकर्ताओं को राहत ज़रूर मिली होगी।

अन्य मुख्य झलकियाँ

आयुष बदोनी ने आक्रामक खेल जारी रखा और अपने ड्राइव्स से प्रभावित किया। लेकिन 63 रन पर वे विकेटकीपर को कैच थमा बैठे।

नॉर्थ ज़ोन के ख़जूरिया (26), अंकित (30), यश धुल (39) और निशांत (47) सभी अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल पाए।

इंडिया पेसर मुकेश कुमार को हैमस्ट्रिंग की परेशानी के कारण 9 ओवर के लिए मैदान से बाहर जाना पड़ा। हालांकि बाद में वे लौट आए।

21 वर्षीय जमशेदपुर के मनीषी ने तीन महत्वपूर्ण विकेट लिए और बल्लेबाज़ों की ग़लतियों का फ़ायदा उठाया।

Previous articleचेतेश्वर पुजारा, क्रिकेट करियर के बाद कोचिंग रोल अपनाने के लिए तैयार!
Next articleनीरज चोपड़ा सिल्वर पर रुके, जूलियन वेबर ने जीता पहला डायमंड लीग खिताब!
Manish Kumar
मनीष कुमार एक अनुभवी खेल पत्रकार हैं, जिन्हें खेल पत्रकारिता में 25 से ज़्यादा सालों का अनुभव है। वह खास तौर पर क्रिकेट के विशेषज्ञ माने जाते हैं, खासकर टेस्ट क्रिकेट जैसे लंबे और चुनौतीपूर्ण फॉर्मेट में। उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया ऑनलाइन के साथ करीब 16.5 साल तक काम किया, जहां उन्होंने बड़े क्रिकेट आयोजनों की कवरेज की और गहराई से विश्लेषण वाले लेख और उनकी भरोसेमंद राय पेश की। टेस्ट क्रिकेट के प्रति उनका जुनून उनकी लेखनी में साफ दिखाई देता है, जहां वह खेल की बारीकियों, रणनीतिक मुकाबलों और खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन को सरल और स्पष्ट तरीके से समझाते हैं। मनीष अपनी तेज़ नज़र और डिटेल्स पर ध्यान देने के लिए जाने जाते हैं। आज भी वह क्रिकेट के रोमांच, जटिलताओं और कहानी को दुनिया भर के प्रशंसकों तक जीवंत अंदाज़ में पहुंचाते हैं।