
टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर 8 मुकाबले में पाकिस्तान के 165 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की टीम आख़िरी पलों में हल्की डगमगा गई। कप्तान हैरी ब्रूक के आउट होने के बाद मैच रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया, लेकिन अंत में जोफ्रा आर्चर ने चौका लगाकर टीम को जीत दिला दी।
ब्रूक ने मैच के बाद माना कि अंत में माहौल “थोड़ा नर्वस” हो गया था और उन्हें डर था कि कहीं यह “फिर से ओवल जैसा” पल न बन जाए।
ब्रूक ने 51 गेंदों पर शानदार शतक जड़ते हुए इंग्लैंड को दो विकेट से रोमांचक जीत दिलाई। इसी के साथ इंग्लैंड टूर्नामेंट की पहली टीम बन गई जिसने सेमीफाइनल में जगह पक्की की।
ब्रूक ने कहा, “अंत में थोड़ा नर्वस हो गया था। मैं बाज़ (ब्रेंडन मैक्कुलम) से कहने ही वाला था कि उम्मीद है यह फिर से ओवल (भारत के खिलाफ) जैसा नहीं होगा।”
वह पिछले साल किआ ओवल में भारत के खिलाफ खेले गए पांचवें टेस्ट की ओर इशारा कर रहे थे, जहां उनका शतक बेकार चला गया था। उस मैच में इंग्लैंड रिकॉर्ड लक्ष्य का पीछा करते हुए आखिरी दिन सिर्फ छह रन से हार गया था और सीरीज़ 2-2 से बराबर रही थी।
ब्रूक ने आगे कहा, “हम यहां अपना काम करने आए थे और हमने वो कर दिखाया। जिस तरह हमने खेला उससे बहुत खुश हूं। अब सेमीफाइनल में पहुंचना अच्छा लग रहा है। हमारे पास न्यूजीलैंड के खिलाफ एक और मैच है, फिलहाल हमारा ध्यान उसी पर है, लेकिन असली इनाम आगे है।”
मंगलवार शाम पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए सुपर 8 मुकाबले में ब्रूक के आउट होने के बाद इंग्लैंड की पारी थोड़ी हिल गई। 19वें ओवर में विल जैक्स और जेमी ओवरटन के विकेट गिर गए, लेकिन आर्चर के चौके ने 19.1 ओवर में टीम को 165 रन तक पहुंचा दिया।
ब्रूक ने पाकिस्तान की तारीफ करते हुए कहा, “पाकिस्तान एक मजबूत टीम है। उनके पास विश्वस्तरीय खिलाड़ी हैं और कई सालों से हैं। इसलिए जीत हासिल करना अच्छा लगा।”
टूर्नामेंट में पहली बार नंबर 3 पर बल्लेबाजी करने उतरे ब्रूक ने 10 चौकों और 4 छक्कों से सजी शानदार पारी खेली।
बैटिंग ऑर्डर में प्रमोशन को लेकर उन्होंने कहा,
“यह सब बाज़ (ब्रेंडन मैक्कुलम) का फैसला था। उन्होंने सुबह मुझसे कहा, ‘नंबर 3 पर खेलने के बारे में क्या सोचते हो? पाकिस्तान तुम्हारी टीम है।’
हम पूरे टूर्नामेंट में बदलाव और परिस्थिति के अनुसार ढलने की बात कर रहे थे। आज वह साहस दिखाना शानदार रहा। हम पावरप्ले का बेहतर इस्तेमाल करना चाहते थे। वे जानते हैं कि मुझे आक्रामक खेलना पसंद है। शुक्र है कि यह सफल रहा और हमें अच्छी शुरुआत मिली।”
हालांकि ब्रूक ने माना कि टीम में अभी सुधार की गुंजाइश है।
“कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जहां हमें सुधार करना है। परफेक्शन कभी पूरी तरह नहीं मिलती, लेकिन हम हमेशा उसकी कोशिश करते हैं। अब हमारा पूरा ध्यान न्यूजीलैंड के मैच पर है।”
वर्ल्ड कप में शतक लगाने पर उन्होंने कहा, “मैं बस खुश हूं कि मैं गेंद को अच्छे से हिट कर पाया। शुरुआत में स्थिति मुश्किल थी, लेकिन कुछ अच्छी साझेदारियां बनीं। आखिर में जीत हासिल करना ही सबसे ज्यादा सुकून देने वाला है।”








