
टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर 8 मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका से भिड़ने से पहले भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने माना कि घरेलू सरज़मीं पर इतने बड़े टूर्नामेंट में खेलना आसान नहीं होता और उम्मीदों का दबाव हर खिलाड़ी महसूस करता है।
अहमदाबाद में होने वाले मैच से पहले प्री-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में सूर्यकुमार ने कहा कि दबाव से बचा नहीं जा सकता, लेकिन हर खिलाड़ी उसे अलग-अलग तरीके से संभालता है।
उन्होंने कहा, “यह कहना बहुत मुश्किल है कि दबाव नहीं होता या उसे संभालना आसान है। जब आप अपने देश में इतना बड़ा टूर्नामेंट खेलते हैं, तो दबाव ज़रूर महसूस होता है। होटल में लोगों से मिलते हैं, हर कोई वर्ल्ड कप जीतने की बात करता है। इसलिए हां, दबाव तो होता ही है।”
लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि टीम इस दबाव को सरल तरीके से लेने और वर्तमान पर ध्यान देने की कोशिश कर रही है।
“हर खिलाड़ी का अपना तरीका होता है दबाव से निपटने का। हम बस कोशिश कर रहे हैं कि चीज़ों को आसान रखें और वर्तमान में रहें। लीग स्टेज में अमेरिका के खिलाफ मैच हमारे लिए एक वेक-अप कॉल था। उसके बाद से हम बहुत आगे की नहीं सोच रहे, बस एक मैच, एक कदम पर ध्यान दे रहे हैं।”
सूर्यकुमार ने मुस्कुराते हुए कहा, “अगर दबाव न हो तो इस खेल में मज़ा भी नहीं आएगा।”
भारतीय कप्तान ने टॉस को लेकर भी बड़ा बयान दिया और कहा कि अब टॉस को ज़रूरत से ज़्यादा महत्व दिया जाता है।
उन्होंने कहा, “मुझे लगता है अब टॉस थोड़ा ओवररेटेड हो गया है। इस टूर्नामेंट में कई टीमों ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी की है। हमने भी चार में से ज़्यादातर मैचों में पहले बल्लेबाज़ी की। अगर आप पहली पारी में अच्छा स्कोर बनाते हैं, तो ओस के बावजूद आप उसे डिफेंड कर सकते हैं, बस गेंदबाज़ों में आत्मविश्वास होना चाहिए।”
गौरतलब है कि भारत ने लीग स्टेज में पाकिस्तान, नीदरलैंड्स, अमेरिका और नामीबिया को हराकर बिना कोई मैच हारे सुपर 8 में जगह बनाई है। वहीं दक्षिण अफ्रीका भी अपने सभी ग्रुप मुकाबले जीतकर यहां पहुँचा है।
अब दोनों अजेय टीमों की टक्कर तय करेगी कि दबाव में कौन ज़्यादा मज़बूती से खड़ा रहता है।








