‘तेज़ी से कदम उठाइए’: माइकल वॉन ने द हंड्रेड में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को लेकर ईसीबी से की अपील!

द हंड्रेड के इस साल होने वाले ऑक्शन को लेकर सामने आई रिपोर्टों में कहा गया है कि इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) से जुड़ी फ्रेंचाइज़ियां पाकिस्तानी खिलाड़ियों को चुनने में दिलचस्पी नहीं दिखा सकतीं। इस पर पूर्व इंग्लैंड कप्तान माइकल वॉन ने इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) से तुरंत कार्रवाई करने और देश के सबसे समावेशी खेल की गरिमा बनाए रखने की अपील की है।

बीबीसी की एक रिपोर्ट में गुरुवार को कहा गया, “ईसीबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने एक एजेंट से संकेत दिया कि उसकी पाकिस्तानी खिलाड़ियों में रुचि सिर्फ उन्हीं टीमों तक सीमित रहेगी जो आईपीएल से जुड़ी नहीं हैं।”

इस साल द हंड्रेड टूर्नामेंट 21 जुलाई से 16 अगस्त तक खेला जाएगा और खिलाड़ियों की नीलामी अगले महीने होगी। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि निजी निवेश के कारण खिलाड़ियों की कमाई बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन इसके बावजूद पाकिस्तानी खिलाड़ी इससे वंचित रह सकते हैं। आईपीएल से जुड़ी फ्रेंचाइज़ियां 2009 के बाद से किसी भी पाकिस्तानी क्रिकेटर को नहीं चुन रही हैं, जिसकी वजह भारत-पाकिस्तान के बीच राजनीतिक तनाव माना जाता है।

एक अन्य एजेंट ने इस स्थिति को “आईपीएल निवेश वाली टी20 लीगों में एक न लिखा नियम” बताया।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए माइकल वॉन ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, “ईसीबी को इस पर तुरंत कदम उठाने की ज़रूरत है। लीग उनकी है और ऐसा होने नहीं देना चाहिए। देश का सबसे समावेशी खेल ऐसा नहीं हो सकता जो इस तरह की चीज़ों की इजाज़त दे।”

खबरों के मुताबिक सलमान अली आगा, शाहीन शाह अफरीदी और उस्मान तारिक जैसे बड़े नामों समेत कुल 63 पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने द हंड्रेड ऑक्शन के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है।

इस बीच टी20 वर्ल्ड कप 2026 में श्रीलंका के खिलाफ इंग्लैंड के पहले सुपर 8 मुकाबले से पहले कप्तान हैरी ब्रूक ने भी पाकिस्तानी खिलाड़ियों के समर्थन में आवाज उठाई।

ब्रूक ने कहा, “पाकिस्तान कई सालों से एक शानदार क्रिकेट राष्ट्र रहा है। ऑक्शन में करीब 50–60 खिलाड़ी हैं और अगर उनमें से कुछ भी इस टूर्नामेंट में न दिखें तो यह अफसोस की बात होगी। वे बेहतरीन क्रिकेटर हैं और बड़ी भीड़ भी खींचते हैं। उनके बिना यह प्रतियोगिता अधूरी लगेगी।”

द हंड्रेड की जिन चार टीमों का स्वामित्व पूरी तरह या आंशिक रूप से आईपीएल फ्रेंचाइज़ी चलाने वाले समूहों के पास है, उनमें एमआई लंदन, मैनचेस्टर सुपर जायंट्स, सदर्न ब्रेव और सनराइजर्स लीड्स शामिल हैं।

अब देखना होगा कि ईसीबी इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाता है और क्या पाकिस्तानी खिलाड़ियों को द हंड्रेड में बराबरी का मौका मिल पाएगा या नहीं।