शानदार शुरुआत, लेकिन आगे रास्ता मुश्किल? टी20 वर्ल्ड कप के बाद इटली का अनिश्चित भविष्य!

अपनी नाराज़गी छिपाए बिना इटली के कप्तान हैरी मानेन्टी ने कहा कि उनकी टीम एक मजबूत “ट्रैजेक्टरी” पर है, लेकिन अगर उन्हें इस स्तर पर नियमित मैच नहीं मिले तो यह प्रगति वहीं रुक सकती है।

गुरुवार को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में इटली ने टी20 वर्ल्ड कप का अपना चौथा और आखिरी मुकाबला वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला।

हालांकि उन्हें वेस्टइंडीज से 42 रन से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन टूर्नामेंट में इटली के कई यादगार पल रहे — जिसमें नेपाल के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप में उनकी ऐतिहासिक पहली जीत और दो बार की चैंपियन इंग्लैंड को लगभग हराने वाला रोमांचक मुकाबला शामिल है।

वेस्टइंडीज के खिलाफ भी इटली ने गेंदबाज़ी में शानदार वापसी की और उन्हें 165/6 पर रोक दिया, जबकि एक समय लग रहा था कि कैरेबियाई टीम 200 से ज्यादा रन बना लेगी।

मैच के बाद मानेन्टी ने कहा, “हमेशा बड़ी टीमें ही नहीं जीततीं या चुनौती देती हैं, और यही वर्ल्ड कप को रोमांचक बनाता है। एसोसिएट देशों के लिए यह मुश्किल जरूर है और यह रातों-रात नहीं बदलेगा। यह एक लंबी प्रक्रिया है।”

हालांकि उनका मानना है कि असली चुनौती अब यह है कि मजबूत टीमों को टक्कर देने के बाद आगे मौके न मिलने से उनकी प्रगति थम न जाए।

“हम बहुत अच्छी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। अच्छा होगा कि हम इसी राह पर आगे बढ़ते रहें और उन देशों की तरह पीछे न छूट जाएं जो सालों में गिरते चले गए। अगर यह यहीं रुक गया — सिर्फ हमारे लिए नहीं बल्कि दूसरे एसोसिएट देशों के लिए भी — तो आगे बढ़ना बहुत मुश्किल हो जाएगा,” कप्तान ने कहा।

मानेन्टी ने ज़ोर देकर कहा कि अगर इस स्तर पर बार-बार मौके नहीं मिलेंगे तो सुधार की रफ्तार रुक सकती है। इटली का अगला टी20 मैच शायद 2027 में ही होगा।

“अगला बड़ा टूर्नामेंट अगस्त में कुछ वनडे मैचों की सीरीज़ होगी। टी20 में अगला मुकाबला शायद 2027 में ही आएगा, जो अपने आप में बहुत कुछ कह देता है कि हम अभी कहां खड़े हैं।”

उन्होंने पिछले 18 महीनों में इटली की जबरदस्त तरक्की का उदाहरण दिया — जहां टीम कभी क्रोएशिया, तुर्की और लक्ज़मबर्ग के खिलाफ सिंथेटिक मैदानों पर खेलती थी और अब इंग्लैंड और वेस्टइंडीज जैसी दिग्गज टीमों को टक्कर दे रही है।

“18 महीनों में सबसे निचले स्तर से शीर्ष स्तर तक पहुंचना आसान नहीं होता। अगर विश्व क्रिकेट को देखें तो इटली ने शानदार काम किया है। इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के खिलाफ हमने करीब 90 प्रतिशत समय मुकाबले में बढ़त बनाए रखी — यह ICC और एसोसिएट क्रिकेट दोनों के लिए रोमांचक है।”

इटली के कोच जॉन डेविसन ने माना कि अहम मौकों पर उनकी टीम से कुछ चूक हुई।

“कुछ वेस्टइंडीज बल्लेबाज़ों ने अच्छी समझदारी से खेला, लेकिन हमने शाई होप को कुछ ज्यादा रन दे दिए। बल्लेबाज़ी में हमें कोई बड़ा स्कोर करने वाला खिलाड़ी नहीं मिला — 60+ की पारी चाहिए थी। लय नहीं बन पाई, इसलिए थोड़ा निराशाजनक रहा।”

कुल मिलाकर, इटली की शुरुआत शानदार रही — लेकिन अगर उन्हें नियमित अंतरराष्ट्रीय मौके नहीं मिले, तो यह चमक फीकी पड़ सकती है।