टी20 वर्ल्ड कप: कैसे सैम करन के ‘डेथ ओवर’ के वार ने इंग्लैंड को संकट से उबारा!

इंग्लैंड रविवार को सुपर एट्स में सह-मेज़बान श्रीलंका से भिड़ेगा, लेकिन अगर नेपाल के खिलाफ सैम करन की शानदार गेंदबाज़ी न होती, तो हैरी ब्रुक की टीम अब तक टूर्नामेंट से बाहर होकर घर लौट चुकी होती।

शर्मनाक हार से बचाने के लिए यह ऑलराउंडर बार-बार मुश्किल घड़ी में आगे आया है। इटली और नेपाल जैसी एसोसिएट टीमों के खिलाफ उसने आखिरी ओवरों में मैच जिताने वाली गेंदबाज़ी कर खुद को संकटमोचक साबित किया है।

इतिहास के सबसे बड़े उलटफेरों में से एक करने के लिए 16वीं रैंक वाली नेपाल को आखिरी ओवर में 10 रन चाहिए थे, लक्ष्य था 184। मुंबई के खचाखच भरे वानखेड़े स्टेडियम में नेपाल समर्थकों की भारी भीड़ के सामने बाएं हाथ के स्विंग गेंदबाज़ करन ने जबरदस्त दबाव में सिर्फ पांच रन दिए और इंग्लैंड को जीत दिला दी।

करन ने कहा, “मैंने ब्रुकी से कहा था — मैं यहां छह यॉर्कर डालने जा रहा हूं, अगर सही से नहीं कर पाया तो जिम्मेदारी मेरी होगी। ऐसे ही सोच के साथ खेलना पड़ता है। मैंने काफी टी20 क्रिकेट खेला है। जब आप ऐसे करीबी मुकाबले जीतते हैं, तो वही आपको आत्मविश्वास और खुशी देते हैं।”

कप्तान हैरी ब्रुक ने करन को ‘कमाल का खिलाड़ी’ बताते हुए कहा कि डेथ ओवर्स में वही उनकी पहली पसंद हैं।

“हम दोनों काफी शांत थे। उसे बिल्कुल पता था कि उसे क्या करना है और उसने उसे बेहतरीन तरीके से अंजाम दिया,” ब्रुक ने कहा।

इंग्लैंड के ऑलराउंडर विल जैक्स ने भी माना, “सैम ने हमें वह मैच जिता दिया। उतार-चढ़ाव भरा मुकाबला था और आखिरी छह गेंदों से पहले तो मुझे लगा था कि हम हार जाएंगे।”

इससे पहले, अपने पहले वर्ल्ड कप में खेल रही 27वीं रैंक की इटली को कोलकाता में अंतिम दो ओवरों में 30 रन चाहिए थे। यह हार इंग्लैंड के खिताब के सपनों को तोड़ सकती थी।

लेकिन एक बार फिर करन ने मोर्चा संभाला। उन्होंने शानदार 19वां ओवर डालते हुए सिर्फ पांच रन दिए और बड़े हिटर ग्रांट स्टीवर्ट को 45 रन पर आउट कर इटली की उम्मीदें तोड़ दीं। इंग्लैंड की 24 रन की जीत जितनी आसान दिखी, असल में उतनी थी नहीं — इसका पूरा श्रेय करन को जाता है।

तेज़ गेंदबाज़ जेमी ओवरटन ने कहा, “पिछले दो-तीन सालों से उसने साबित किया है कि दबाव में वह खड़ा होता है। वह उसी तरह का खिलाड़ी है।”

एक साल तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से बाहर रहने के बाद करन ने जबरदस्त वापसी की है और अब फिर से कप्तान ब्रुक और कोच ब्रेंडन मैकुलम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं।

वर्ल्ड कप से पहले श्रीलंका दौरे पर भी करन शानदार फॉर्म में थे। तीन हफ्ते पहले कैंडी में उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ अपना पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय हैट्रिक भी लिया था — और अब वहीं रविवार को दोनों टीमें फिर आमने-सामने होंगी।

ओवरटन ने कहा, “उसके लिए पिछले 12 महीने मुश्किल रहे, लेकिन वह वापस आया है और उसे टीम में फिर देखना शानदार है।”

अब तक के इस साधारण से दिख रहे वर्ल्ड कप में करन ही इंग्लैंड के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी रहे हैं — कभी बल्ले से, तो कभी गेंद से हर मैच में योगदान देते हुए। नंबर छह पर बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने वेस्टइंडीज, स्कॉटलैंड और इटली के खिलाफ क्रमशः नाबाद 43, 28 और 25 रन की अहम पारियां खेलीं।

साफ है — इस वर्ल्ड कप में अब तक इंग्लैंड की नैया सैम करन ही पार लगा रहे हैं।