
शिवम दुबे ने दबाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए यह साबित कर दिया है कि वह अब एक भरोसेमंद ऑलराउंडर बन चुके हैं, जो टीम इंडिया को ज़रूरत पड़ने पर जीत दिला सकते हैं। बुधवार को नीदरलैंड्स के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप मैच में उन्होंने न सिर्फ मैच जिताऊ पारी खेली बल्कि दो विकेट भी झटके।
जब दुबे बल्लेबाज़ी के लिए उतरे तब भारत 9 ओवर में 69 रन पर 3 विकेट खो चुका था और टीम को संभलकर खेलने की ज़रूरत थी। ऐसे मुश्किल हालात में दुबे ने बेहतरीन संयम दिखाया और सिर्फ 31 गेंदों में 66 रन बनाकर भारत को 193/6 के मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।
अपने शुरुआती अंतरराष्ट्रीय करियर में दुबे को शॉर्ट बॉल के खिलाफ काफी परेशानी होती थी। लेकिन ऑफ-सीजन में उन्होंने इस कमजोरी पर जमकर मेहनत की। मैच के बाद स्टार स्पोर्ट्स पर ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ अवॉर्ड लेते हुए दुबे ने अपने खेल में आए इस बदलाव का श्रेय एमएस धोनी को दिया।
दुबे ने कहा, “एक समय था जब मैं आईपीएल में शॉर्ट बॉल के खिलाफ काफी संघर्ष कर रहा था। मैं उन्हें सही से हिट नहीं कर पा रहा था। फिर मुझे एहसास हुआ कि अगर मुझे इस स्तर पर दबदबा बनाना है और मेरे पास ताकत है, तो सिर्फ एक कमजोरी की वजह से पीछे क्यों रहूं। इसलिए मैंने ऑफ-सीजन में इस पर बहुत मेहनत की।”
उन्होंने आगे बताया, “माही भाई (एमएस धोनी) ने मुझसे कहा था कि हर गेंद पर छक्का मारना ज़रूरी नहीं है, आप चौका मार सकते हैं या सिंगल ले सकते हैं। यह बात हमेशा मेरे दिमाग में रहती है जब मैं बल्लेबाज़ी करने आता हूं।”
दुबे 2022 से चेन्नई सुपर किंग्स का हिस्सा हैं और धोनी के साथ बिताया गया समय उनके खेल में बदलाव लाने में काफी मददगार रहा है।
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी उनसे शॉर्ट बॉल को लेकर सवाल किया गया, जिस पर दुबे ने कहा, “मैं अब बेहतर हो रहा हूं। मुझे पता है कि कौन सा गेंदबाज़ किस तरह की गेंद डाल सकता है — शॉर्ट बॉल, स्लोअर बॉल — और मैंने इन सब पर काम किया है। अब मेरी गेम अवेयरनेस भी पहले से काफी सुधरी है।”
उन्होंने आगे कहा, “जब मैं पहली बार सीएसके में आया था तब मैं कुछ चीज़ों से जूझ रहा था। लेकिन मुझे पता था कि मैं मैच पर हावी हो सकता हूं, इसलिए मैंने शॉर्ट बॉल पर बहुत मेहनत की। आसान नहीं था, लेकिन ज्यादा अभ्यास किया, ज्यादा गेंदें खेलीं — और उसी का नतीजा अब दिख रहा है।”








