टी20 वर्ल्ड कप: सूर्यकुमार यादव ने टीम की बैटिंग की गहराई की तारीफ की, भारत का ध्यान सुपर 8 पर!

टी20 वर्ल्ड कप के सुपर एट्स में पहुंचने से पहले भारत के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टीम की बल्लेबाज़ी की गहराई की जमकर तारीफ की और कहा कि ग्रुप स्टेज में उनकी टीम ने लगभग हर जरूरी पहलू पर खुद को साबित किया है।

शिवम दुबे ने 31 गेंदों में शानदार 66 रन बनाकर भारत को 193/6 तक पहुंचाया, जबकि टॉप ऑर्डर को ऑफ स्पिनर आर्यन डट के खिलाफ संघर्ष करना पड़ा।

इसके बाद भारत ने नीदरलैंड्स को 20 ओवर में 176/7 पर रोक दिया और 17 रन से मुकाबला जीतकर टूर्नामेंट में अपनी लगातार चौथी जीत दर्ज की। इसके साथ ही भारत ने ग्रुप ए में टॉप पोज़िशन भी पक्की कर ली।

मैच के बाद प्रेजेंटेशन में सूर्यकुमार यादव ने कहा, “हमने कई बॉक्स टिक किए हैं। जीत के बाद भी बहुत कुछ सीखने को मिलता है और आज भी हमने सीखा। हम पहले बल्लेबाज़ी करना चाहते थे और लगभग 190 रन बनाए। थोड़ी ओस थी, जिससे गेंदबाज़ों के लिए चुनौती थी, लेकिन कुल मिलाकर हम बहुत खुश हैं।”

दुबे के काउंटर अटैक से पहले भारत 9 ओवर में 69/3 पर था। सूर्यकुमार के मुताबिक ऐसे योगदान आगे टूर्नामेंट में बेहद अहम साबित होंगे।

उन्होंने कहा, “ऐसी स्थिति फिर आ सकती है जब शुरुआती विकेट गिरें। तब बल्लेबाज़ों को अपनी ज़िम्मेदारी समझनी होगी। हमारे पास आगे दमदार बल्लेबाज़ी है। हर बल्लेबाज़ से योगदान आ रहा है। एक-दो का दिन अच्छा हो सकता है, लेकिन हमें सभी से योगदान चाहिए।”

दुबे की पारी की तारीफ करते हुए SKY बोले, “जब उसने वाइजैग में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ खेला था, तब भी उसने शानदार पारी खेली थी। आज 190 तक पहुंचाने में उसका रोल कमाल का था।”

सूर्यकुमार ने मैच में सात गेंदबाज़ों के इस्तेमाल को “पॉजिटिव हेडेक” बताया।

“कभी-कभी इतने विकल्प होना अच्छी परेशानी होती है। विकेट के हिसाब से कोई भी गेंदबाज़ योगदान दे सकता है। टीम जिस तरह आगे बढ़ रही है, उससे मैं खुश हूं।”

वहीं शिवम दुबे ने कहा कि उन्हें पिच के मुताबिक अपने आक्रामक खेल पर थोड़ा कंट्रोल करना पड़ा।

“पिच थोड़ी मुश्किल थी। गेंद स्किड भी हो रही थी और कुछ गेंद घूम भी रही थीं। मुझे पता था मैं बड़े शॉट मार सकता हूं, लेकिन हालात कुछ और मांग रहे थे। मैं छक्के मारना पसंद करता हूं, लेकिन यहां समझदारी जरूरी थी।”

उन्होंने आगे कहा, “कप्तान और कोच ने मुझसे स्ट्राइक रेट ऊंचा रखने को कहा है, लेकिन हालात भी मायने रखते हैं। आज तुरंत तेज़ नहीं खेल सकता था, फिर सही समय देखकर आक्रमण किया।”

दुबे ने यह भी बताया कि उनकी गेंदबाज़ी में सुधार हो रहा है। “मैं गेंदबाज़ी पर मेहनत कर रहा हूं। नतीजे मिल रहे हैं। कभी रन पड़ेंगे, लेकिन विकेट भी मिलेंगे।”

अब भारत पूरे आत्मविश्वास के साथ सुपर एट्स में अपनी अगली चुनौती के लिए तैयार है।