सुनील गावस्कर और कपिल देव ने इमरान ख़ान के समर्थन में वैश्विक पूर्व कप्तानों की अपील का किया समर्थन!

भारतीय क्रिकेट के दिग्गज सुनील गावस्कर और कपिल देव समेत दुनिया भर के 12 अन्य पूर्व कप्तानों ने जेल में बंद पूर्व क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान ख़ान की स्थिति को लेकर “गहरी चिंता” जताई है। सभी ने मिलकर पाकिस्तानी सरकार से अपील की है कि इमरान ख़ान को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार सम्मानजनक हालात और पर्याप्त चिकित्सा सुविधा दी जाए।

1992 विश्व कप विजेता कप्तान इमरान ख़ान की सेहत को लेकर हालिया रिपोर्ट्स बेहद चिंताजनक हैं। बताया गया है कि रावलपिंडी की अदियाला जेल में इलाज में लापरवाही के कारण उनकी दाईं आंख की लगभग 85% रोशनी चली गई है।

कुल 14 पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों ने “Appeal by former International Cricket Captains” शीर्षक से एक पत्र पाकिस्तानी सरकार को भेजा है।

पत्र में लिखा गया है: “हम, विभिन्न देशों की राष्ट्रीय क्रिकेट टीमों के पूर्व कप्तान, इमरान ख़ान के साथ किए जा रहे व्यवहार और उनकी कैद की परिस्थितियों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हैं। उनकी सेहत, खासकर जेल में रहते हुए उनकी दृष्टि में आई गंभीर गिरावट, हमें बेहद परेशान करती है। एक ऐसे व्यक्ति को, जो पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और विश्व क्रिकेट के महान खिलाड़ी रहे हैं, सम्मान और मानवीय गरिमा के साथ रखा जाना चाहिए।”

इस पत्र पर माइकल ब्रियरली, एलन बॉर्डर, माइकल एथर्टन, ग्रेग चैपल, इयान चैपल, बेलिंडा क्लार्क, डेविड गॉवर, किम ह्यूजेस, नासिर हुसैन, क्लाइव लॉयड, स्टीव वॉ और जॉन राइट जैसे दिग्गजों के भी हस्ताक्षर हैं।

गौरतलब है कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान को 2023 में भ्रष्टाचार के मामले में दोषी ठहराया गया था और उन्हें 14 साल की सजा सुनाई गई थी।

पूर्व कप्तानों ने सरकार से मांग की कि: इमरान ख़ान को उनकी पसंद के विशेषज्ञ डॉक्टरों से तुरंत और लगातार इलाज मिले

उन्हें अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार मानवीय और सम्मानजनक कैद की परिस्थितियां दी जाएं, जिसमें परिवार से नियमित मुलाकात की अनुमति हो

कानूनी प्रक्रिया तक निष्पक्ष और पारदर्शी पहुंच सुनिश्चित की जाए

पत्र में यह भी कहा गया: “क्रिकेट हमेशा देशों के बीच पुल का काम करता आया है। मैदान पर प्रतिद्वंद्विता खत्म होती है लेकिन सम्मान बना रहता है। इमरान ख़ान ने अपने पूरे करियर में इसी भावना को जिया है।”

पूर्व कप्तानों ने “न्याय और इंसानियत” के आधार पर अधिकारियों से सही कदम उठाने की अपील की।

उन्होंने इमरान ख़ान के क्रिकेट और राजनीतिक योगदान को भी याद किया: “एक कप्तान के रूप में उन्होंने पाकिस्तान को 1992 विश्व कप जिताया — जो नेतृत्व, जज़्बे और खेल भावना का प्रतीक था। हममें से कई ने उनके खिलाफ खेला, कई ने उन्हें आदर्श माना। क्रिकेट से आगे जाकर उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के रूप में भी देश की सेवा की। राजनीतिक मतभेद अलग हो सकते हैं, लेकिन लोकतांत्रिक रूप से चुने गए नेता और विश्व क्रिकेट आइकन के रूप में उनका सम्मान बना रहना चाहिए।”

अब देखना होगा कि इस अंतरराष्ट्रीय अपील पर पाकिस्तानी सरकार क्या रुख अपनाती है।