
रविवार को होने वाले भारत-पाकिस्तान टी20 वर्ल्ड कप मुकाबले में शामिल होने के साथ-साथ मोहसिन नक़वी, जो पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के अध्यक्ष हैं, आईसीसी अधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे। यह कदम हाल ही में हुए संक्षिप्त बहिष्कार विवाद के बाद उठाया जा रहा है, जिसने इस हाई-वोल्टेज मुकाबले पर संकट खड़ा कर दिया था।
सूत्रों के अनुसार, नक़वी ग्रुप ए के इस मुकाबले के लिए श्रीलंका रवाना होंगे, जो कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में शाम को खेला जाएगा। उनके साथ PCB के मुख्य परिचालन अधिकारी सुमैर अहमद और पाकिस्तान सुपर लीग के सीईओ सलमान नसीर भी मौजूद रहेंगे।
सूत्र ने बताया कि श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने अन्य देशों के बोर्ड अधिकारियों को भी आमंत्रित किया है, लेकिन नक़वी के दौरे का मुख्य उद्देश्य आईसीसी अध्यक्ष जय शाह और अन्य अधिकारियों से मुलाकात कर हालिया बहिष्कार विवाद के बाद संबंधों में आई कड़वाहट को कम करना है।
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम बुलबुल भी इस मुकाबले में शामिल होंगे। माना जा रहा है कि वे हाल के तनावपूर्ण हालात के बाद बीसीसीआई के साथ संबंध सुधारने की कोशिश करेंगे।
भारत की ओर से बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मनहास, उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला और सचिव देवजीत सैकिया के भी मौजूद रहने की संभावना है।
गौरतलब है कि इस महीने की शुरुआत में पाकिस्तान सरकार ने अपनी टीम को कोलंबो में भारत के खिलाफ खेलने से रोक दिया था। यह फैसला बांग्लादेश के समर्थन में लिया गया था, जिसने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत में अपने वर्ल्ड कप मैच खेलने से इनकार कर दिया था। बाद में स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में बांग्लादेश की जगह शामिल किया गया।
कई दिनों की कूटनीतिक बातचीत और क्रिकेट बोर्डों के बीच चर्चाओं के बाद पाकिस्तान ने अपना फैसला बदला और भारत के खिलाफ खेलने पर सहमति जताई।
सूत्रों के मुताबिक, नक़वी ने कोलंबो रवाना होने से पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ से मुलाकात की और आईसीसी नीति तथा अन्य बोर्डों के साथ संबंधों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री से अनुमति मिलने के बाद नक़वी अब कोलंबो में सार्थक बातचीत करने की स्थिति में होंगे।
लाहौर में आईसीसी उपाध्यक्ष इमरान ख्वाजा और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड प्रमुख अमीनुल इस्लाम से मुलाकात के बाद ही पाकिस्तान ने बहिष्कार का फैसला वापस लिया था।
अब सबकी निगाहें सिर्फ मैदान पर होने वाले मुकाबले पर हैं, लेकिन पर्दे के पीछे भी कूटनीति और क्रिकेट राजनीति बराबर चल रही है।








