टी20 वर्ल्ड कप: वरुण चक्रवर्ती ने बताया अपनी सफलता का मंत्र!

भारत के रहस्यमयी स्पिनर वरुण चक्रवर्ती का कहना है कि गेंद की रफ्तार और उसमें ज्यादा रिवॉल्यूशन (घुमाव) बढ़ाने से उन्हें काफी फायदा मिला है। चाहे नई गेंद पर काम करना हो या अपनी मौजूदा वैरिएशन को और बेहतर बनाना — वरुण हमेशा खुद को सुधारने की कोशिश में लगे रहते हैं।

दिल्ली में नामीबिया के खिलाफ भारत की 93 रन की बड़ी जीत के बाद वरुण ने कहा, “मैंने अपनी गेंदबाज़ी के कुछ पहलुओं पर खास तौर से काम किया है — जैसे गति, और ज्यादा रेव्स। लोग आमतौर पर नई वैरिएशन पर काम करते हैं, लेकिन मैंने अपनी मौजूदा गेंदों को परफेक्ट करने पर फोकस किया और इससे मुझे काफी मदद मिली,” PTI ने उनके हवाले से बताया।

वरुण पहले भी बता चुके हैं कि साइड-स्पिन से ओवर-स्पिन पर शिफ्ट होना उनके शानदार प्रदर्शन की बड़ी वजह रहा है। अब तक 38 टी20 इंटरनेशनल मैचों में वे 63 विकेट ले चुके हैं, वो भी 15.19 की बेहतरीन औसत और 7.06 की किफायती इकॉनमी के साथ।

गुरुवार रात उन्होंने नामीबिया के बल्लेबाज़ों को पूरी तरह परेशान कर दिया और सिर्फ 12 गेंदों में तीन विकेट झटक लिए। मैच की पहली ही गेंद पर उन्होंने लॉरेन स्टीनकैंप को गूगली से चकमा देकर अपनी सटीकता का शानदार नमूना पेश किया।

वरुण ने यह भी बताया कि उन्होंने अपने फॉलो-थ्रू पर काम किया है ताकि पिच से ज्यादा “जिप” मिल सके। उन्होंने कहा कि वे लगातार अपने हथियारों में नई गेंदें जोड़ने की कोशिश करते रहते हैं।

“यह मेरी प्रक्रिया रही है। हमेशा कोई न कोई नई गेंद दिमाग में रहती है। अगर मैं साहस करूं तो अगले मैच में उसे आज़माता हूं। कुछ वैरिएशन मैचों में तुरंत क्लिक कर जाती हैं, लेकिन कुछ पर मैं पिछले छह साल से काम कर रहा हूं जो अभी तक सफल नहीं हुईं,” वरुण ने कहा।

हालांकि उन्होंने पिच के व्यवहार पर हैरानी भी जताई। दिल्ली और मुंबई के शुरुआती मैचों में विकेट उम्मीद से ज्यादा धीमी थी।

“इस वर्ल्ड कप से पहले जो सीरीज़ हमने खेली थीं, उनमें पिचें काफी फ्लैट थीं। लेकिन दिल्ली की विकेट थोड़ी चौंकाने वाली थी — गेंद नीचे रह रही थी। ज्यादा टर्न नहीं था, लेकिन लो जरूर थी। हमें हर हाल में खुद को ढालना होता है,” उन्होंने समझाया।

आगे पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले से पहले वरुण ने कहा कि कोलंबो में ओस बड़ा फैक्टर बन सकती है।

“जब दूसरी पारी में गेंदबाज़ी करते हैं तो ओस बहुत असर डालती है, खासकर अगर आपको स्कोर डिफेंड करना हो। आज भी ओस थी लेकिन हम संभाल पाए। IPL खेलने की वजह से हमें इसकी आदत है,” उन्होंने कहा।

वरुण ने नामीबिया के कप्तान और स्पिनर गेरहार्ड इरास्मस की भी जमकर तारीफ की, जो अलग-अलग एंगल और राउंड आर्म से गेंदबाज़ी कर बल्लेबाज़ों को भ्रम में डाल रहे थे।

“उन्होंने बहुत समझदारी से गेंदबाज़ी की। उनकी प्लानिंग साफ दिख रही थी। आखिरी चार ओवरों में उनकी रणनीति बिल्कुल सटीक थी और उन्होंने उसे अच्छे से लागू किया। साफ था कि उन्होंने अच्छी रिसर्च और तैयारी की थी,” वरुण ने जोड़ा।

अब देखने वाली बात होगी कि पाकिस्तान के खिलाफ वरुण अपनी इस फॉर्म को कितना खतरनाक बना पाते हैं।