
बांग्लादेश के खेल सलाहकार आसिफ नज़रुल ने अब दावा किया है कि भारत में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप मैच न खेलने का फैसला सरकार की सुरक्षा चिंताओं की वजह से नहीं, बल्कि क्रिकेट बोर्ड और खिलाड़ियों ने “राष्ट्रीय सम्मान की रक्षा” के लिए लिया था।
आईसीसी द्वारा बांग्लादेश की मैचों को श्रीलंका स्थानांतरित करने की मांग खारिज किए जाने के बाद, स्कॉटलैंड ने टूर्नामेंट में बांग्लादेश की जगह ले ली hsi। हालांकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने इस फैसले को लेकर बांग्लादेश पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया।
टीम के बाहर होने से पहले नज़रुल आईसीसी के साथ हुई बेनतीजा बातचीत का मुख्य चेहरा थे। उस समय उन्होंने लगातार यही कहा था कि सुरक्षा कारणों से टीम को न भेजना सरकार का अधिकार है।
‘क्रिकबज़’ के हवाले से नज़रुल ने कहा, “कोई पछतावे की बात नहीं है (वर्ल्ड कप न खेलने को लेकर)। यह फैसला बीसीबी और खिलाड़ियों ने देश की क्रिकेट की सुरक्षा, लोगों की सुरक्षा और राष्ट्रीय गरिमा की रक्षा के लिए लिया था।”
पिछले महीने खिलाड़ियों और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड से चर्चा के बाद नज़रुल ने सख्त रुख अपनाया था।
उन्होंने 22 जनवरी को कहा था, “मुझे लगता है हमें आईसीसी से न्याय नहीं मिला। हम वर्ल्ड कप खेलेंगे या नहीं, यह पूरी तरह सरकार का फैसला है।”
बांग्लादेश के बाहर होने के बाद पाकिस्तान ने उनके समर्थन में भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करने का ऐलान किया था। लेकिन बीसीबी समेत कई पक्षों की बातचीत के बाद यह गतिरोध खत्म हो गया।
बांग्लादेश ने पाकिस्तान को धन्यवाद देते हुए खेल की भलाई के लिए भारत के खिलाफ मैच खेलने की अपील भी की थी, जिसके बाद पाकिस्तानी सरकार ने बहिष्कार का फैसला वापस ले लिया।
नज़रुल ने आगे कहा, “आईसीसी ने कहा है कि कोई प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा और बांग्लादेश को भविष्य में किसी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेज़बानी के लिए भी विचार किया जाएगा। यह एक बड़ी उपलब्धि है। मैं बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को सलाम करता हूं।”








