
भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने माना कि अमेरिका के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप के पहले मुकाबले में जीत के बावजूद टीम के बल्लेबाज़ों को ज्यादा समझदारी से खेलना चाहिए था। भारत ने यह मैच मुंबई में शनिवार को 29 रन से जीता।
मैच के बाद ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बने सूर्यकुमार ने कहा, “हम सब कुछ नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते। हमें इससे बेहतर बल्लेबाज़ी करनी होगी। जीत के बाद भी बहुत कुछ सीखने को मिलता है। हम और स्मार्ट खेल सकते थे।”
भारत एक समय 77 रन पर 6 विकेट खो चुका था। ऐसे मुश्किल हालात में सूर्यकुमार ने मोर्चा संभाला और 49 गेंदों में नाबाद 84 रन की शानदार पारी खेलकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुँचाया।
उन्होंने कहा, “सिर्फ मैं जानता हूँ कि उस वक्त कितना दबाव था, लेकिन मुझे खुद पर भरोसा था। मुझे पता था कि अगर मैं अंत तक टिक गया तो फर्क डाल सकता हूँ।”
सूर्यकुमार ने पिच को लेकर भी अपनी राय दी। उन्होंने बताया कि दिनभर धूप न होने की वजह से विकेट में नमी थी, जिससे बल्लेबाज़ी आसान नहीं थी।
“विकेट थोड़ी अलग थी। सुबह जब उठे तो धूप नहीं थी। पिच को सही तरह से सुखाया नहीं जा सका। ये 180-190 रन की विकेट नहीं थी, बल्कि करीब 140 रन की लग रही थी।”
अपनी पारी पर बात करते हुए सूर्यकुमार ने कहा कि वह काफी समय से टीम के लिए संभलकर खेलने वाली भूमिका निभाना चाहते थे।
“मुझे पता था कि एक दिन यह मौका आएगा। पिछले साल मैं कोशिश कर रहा था लेकिन हो नहीं पा रहा था। आखिरी पारी के बाद मैंने ब्रेक लिया, परिवार के साथ समय बिताया और फिर नागपुर गया — वहां से सोच ही बदल गई।”
उन्होंने यह भी बताया कि वानखेड़े में खेलने का अनुभव उनके बहुत काम आया।
“मैंने यहाँ बहुत क्रिकेट खेला है, इसलिए विकेट समझता हूँ। जब स्कोर 77/6 था, तब साफ था कि किसी एक बल्लेबाज़ को अंत तक टिकना होगा। मैंने बस सही शॉट खेलने की कोशिश की।”
वहीं अमेरिका के कप्तान मोनांक पटेल ने कहा कि यह विकेट आसान नहीं थी।
“पिच पढ़ना मुश्किल था। भारतीय गेंदबाज़ों की वैरिएशन ने हमें रोके रखा। हमने कैच छोड़े जो भारी पड़े। एक समय लगा था कि उन्हें 130 तक रोक लेंगे। इस पिच पर 160 अच्छा स्कोर होता। हमारे टॉप बल्लेबाज़ नहीं चल पाए और शुरुआत में विकेट गिरने से इरादा कमजोर पड़ा।”








