
T20 वर्ल्ड कप के सह-मेज़बान भारत इस बार साफ़ तौर पर फेवरिट माने जा रहे हैं। टीम इंडिया के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने गुरुवार को कहा कि छोटे फॉर्मेट में भारत की सफलता का सबसे बड़ा राज एक जैसा माइंडसेट बनाए रखना है — चाहे मैच कोई भी हो।
उन्होंने यह भी बताया कि ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर की फिटनेस धीरे-धीरे बेहतर हो रही है और टीम उन्हें वापसी के लिए जल्दबाज़ी में नहीं उतारेगी।
डिफेंडिंग चैंपियन भारत शनिवार को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में अपने पहले मुकाबले में अमेरिका से खेलेगा, जहां उसकी नजर तीसरा खिताब जीतने पर होगी।
सूर्यकुमार ने कप्तानों की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “पिछले 2-3 सालों से हम अच्छा क्रिकेट खेल रहे हैं, लेकिन सबसे बड़ा बदलाव हमारी सोच में आया है। पहले हम द्विपक्षीय सीरीज़ अलग तरह से खेलते थे और ICC टूर्नामेंट अलग तरह से। अब चाहे ICC इवेंट हो, एशिया कप हो या कोई सीरीज़ — हम हर जगह एक ही अंदाज़ में खेलते हैं।”
एशिया कप और 2024 T20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद भारत ने हर द्विपक्षीय सीरीज़ भी जीती है।
उन्होंने आगे कहा, “जब हम 2024 वर्ल्ड कप खेलने गए तो हमें कोई फर्क महसूस नहीं हुआ, ऐसा लगा जैसे हम पूरे साल से इसी तरह खेलते आ रहे हैं। अब भी हम वही स्टाइल जारी रखेंगे और अगर हम अच्छा खेलेंगे तो नतीजे अपने आप हमारे पक्ष में होंगे।”
सूर्यकुमार ने कहा कि टीम सुंदर को पूरी तरह फिट होने का समय देगी।
“जैसे तिलक वर्मा ब्रेक के बाद पहले से बेहतर होकर लौटे, वैसे ही हम चाहते हैं कि वॉशिंगटन भी 100% फिट होकर वापसी करें। हम जल्दबाज़ी नहीं करेंगे।”
सूर्यकुमार ने हेड कोच गौतम गंभीर की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने टीम को ‘पहले टीम, बाद में व्यक्तिगत रिकॉर्ड’ का मंत्र सिखाया है।
उन्होंने ईशान किशन के शतक का उदाहरण देते हुए कहा, “तिरुअनंतपुरम में ईशान ने छक्का मारकर शतक पूरा किया — यही सोच है कि व्यक्तिगत रिकॉर्ड से ज़्यादा टीम का लक्ष्य ज़रूरी है। ड्रेसिंग रूम का माहौल हल्का और पॉजिटिव है, साथ में डिनर, मूवी आउटिंग — ये छोटी चीज़ें टीम को मजबूत बनाती हैं।”
MS धोनी द्वारा उठाए गए ओस के मुद्दे पर सूर्यकुमार ने कहा कि अब टीम को इससे ऊपर उठकर खेलना चाहिए।
“हम पहले बल्लेबाज़ी भी कर सकते हैं और पीछा भी। ओस को बहाना नहीं बनाना चाहिए। इतने अनुभवी खिलाड़ी हैं — तैयारी सही हो तो हालात मायने नहीं रखते।”








