
एशेज सीरीज़ में करारी हार और हाल के अंतरराष्ट्रीय व्हाइट-बॉल टूर्नामेंट्स में लगातार असफलताओं के बाद, इंग्लैंड की टीम टी20 वर्ल्ड कप में एक नई शुरुआत की उम्मीद के साथ उतर रही है। इस बार टीम की कमान कप्तान हैरी ब्रुक के हाथों में है, जिन पर मैदान के अंदर और बाहर दोनों जगह कड़ी नजर रखी जा रही है।
2010 और 2022 में खिताब जीत चुकी इंग्लैंड की टीम रिकॉर्ड तीसरी बार ट्रॉफी उठाने का सपना देख रही है। मैच जिताने वाले गेंदबाज़ों और विस्फोटक बल्लेबाज़ों से सजी इस टीम के लिए यह टूर्नामेंट बेहद अहम है। जो रूट के बाद पिछले साल जोस बटलर से व्हाइट-बॉल कप्तानी संभालने वाले हैरी ब्रुक पहली बार किसी वैश्विक टूर्नामेंट में टीम का नेतृत्व कर रहे हैं।
इंग्लैंड के 50 ओवर के चैंपियंस ट्रॉफी से पाकिस्तान और यूएई में शुरुआती बाहर होने के बाद जोस बटलर ने कप्तानी छोड़ दी थी। इससे पहले भारत में 2023 वनडे वर्ल्ड कप में खराब प्रदर्शन और 2024 टी20 वर्ल्ड कप में अमेरिका और वेस्टइंडीज में सेमीफाइनल से बाहर होना टीम के लिए बड़ा झटका रहा।
26 वर्षीय हैरी ब्रुक, जिन्हें इंग्लैंड के सबसे प्रतिभाशाली ऑल-फॉर्मेट खिलाड़ियों में गिना जाता है, हाल के दिनों में गलत वजहों से सुर्खियों में रहे। यॉर्कशायर के इस खिलाड़ी ने पिछले महीने न्यूजीलैंड दौरे के दौरान एक नाइट क्लब बाउंसर से जुड़े विवाद को लेकर “भयानक गलती” स्वीकार की थी और सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी।
इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने उनके व्यवहार को लेकर उन्हें चेतावनी और सज़ा दी थी। खुद ब्रुक ने भी माना कि वह भाग्यशाली हैं कि उनकी नौकरी बची रही। अब रविवार को मुंबई में नेपाल के खिलाफ होने वाले इंग्लैंड के पहले मैच में उनके पास अपने खेल पर फोकस करने और खुद को साबित करने का मौका है।
भारत और श्रीलंका में खेले जा रहे इस टूर्नामेंट में इंग्लैंड के पास ओपनिंग के लिए कई विकल्प हैं—जोस बटलर, फिल सॉल्ट और बेन डकेट। आईपीएल के अनुभवी खिलाड़ी बटलर, 35 साल की उम्र में भी लिमिटेड ओवर्स क्रिकेट के सबसे खतरनाक बल्लेबाज़ों में शामिल हैं।
मिडिल ऑर्डर में हैरी ब्रुक और टॉम बैंटन किसी भी समय मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं, जबकि उभरते सितारे जैकब बेथेल जैसे ऑलराउंडर टीम को संतुलन देते हैं।
तेज़ गेंदबाज़ी इंग्लैंड की एक कमजोरी बन सकती है। जोफ्रा आर्चर हाल ही में एशेज के दौरान लगी चोट से उबरे हैं, जबकि मार्क वुड चोट के कारण बाहर हैं। हालांकि, जोश टंग को ऑस्ट्रेलिया में शानदार प्रदर्शन के बाद 15 सदस्यीय टीम में जगह मिली है।
सैम करन और ल्यूक वुड लेफ्ट-आर्म पेस विकल्प देते हैं, वहीं जेमी ओवरटन तेज़ गेंदबाज़ होने के साथ-साथ उपयोगी बल्लेबाज़ भी हैं। स्पिन विभाग की अगुवाई अनुभवी लेग स्पिनर आदिल राशिद कर रहे हैं, जबकि लियम डॉसन, विल जैक्स और रेहान अहमद जैसे ऑलराउंडर कप्तान ब्रुक को कई विकल्प देते हैं।
हाल ही में एशेज में 1-4 से मिली हार के बाद पुरुष क्रिकेट के निदेशक रॉब की और मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम भी दबाव में हैं। हालांकि, श्रीलंका के खिलाफ वनडे और टी20 सीरीज़ जीतकर इंग्लैंड इस टूर्नामेंट में सकारात्मक सोच के साथ उतर रहा है। 2024 वर्ल्ड कप के बाद से उन्होंने सिर्फ एक टी20 सीरीज़ गंवाई है।
2019 वनडे वर्ल्ड कप और 2022 टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली इंग्लैंड की टीम अब काफी बदल चुकी है, लेकिन हैरी ब्रुक के पास अनुभव की कोई कमी नहीं है। अगर युवा खिलाड़ी भी अपनी छाप छोड़ने में सफल रहते हैं, तो इंग्लैंड एक बार फिर खिताब की प्रबल दावेदार बन सकता है।








