टी20 वर्ल्ड कप से पहले अपनी बल्लेबाज़ी में वापसी पर बोले सूर्यकुमार यादव!

7 फरवरी से शुरू होने वाले टी20 वर्ल्ड कप से ठीक पहले भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने न्यूज़ीलैंड के खिलाफ 4–1 की दमदार सीरीज़ जीत में टीम का नेतृत्व किया। सूर्यकुमार ने बताया कि पिछले साल दक्षिण अफ्रीका सीरीज़ के बाद लिया गया छोटा ब्रेक और बल्लेबाज़ी के तरीके में सोच-समझकर किया गया बदलाव उनकी फॉर्म में वापसी की बड़ी वजह बना।

2025 में बिना किसी अर्धशतक के एक दुर्लभ खराब दौर से गुजरने के बाद, सूर्यकुमार ने न्यूज़ीलैंड के खिलाफ ज़बरदस्त वापसी की और सीरीज़ के टॉप रन-स्कोरर और प्लेयर ऑफ द सीरीज़ बने।

यह बदलाव दिसंबर में दक्षिण अफ्रीका सीरीज़ के बाद आत्ममंथन से शुरू हुआ, जहां चार पारियों में वह सिर्फ 34 रन बना पाए थे और उनका सर्वोच्च स्कोर 12 था।

शनिवार को तिरुवनंतपुरम में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ आख़िरी टी20 मैच में 46 रन की जीत के बाद ‘अमूल क्रिकेट लाइव’ पर सूर्यकुमार ने कहा, “दक्षिण अफ्रीका सीरीज़ के बाद मैं घर गया, किट बैग रख दिया और पूरे 9–10 दिन का ब्रेक लिया। नए साल की शुरुआत में जब प्रैक्टिस दोबारा शुरू की, तो पिछले साल की कमियों पर सोचा—खासतौर पर शुरुआती ओवरों में मेरी स्ट्राइक रेट पर। 2021 से 2023 के बीच मैं पहली 5–10 गेंदों में ही 200–250 के स्ट्राइक रेट से खेलता था। अब मैं पहली 5–7 गेंदों में खुद को सेट करता हूं और फिर स्ट्राइक रेट बढ़ाता हूं। यह तरीका नागपुर में पहले ही मैच से काम कर गया और वहीं से मेरी फॉर्म लौट आई।”

कप्तानी संभालने के बाद सूर्यकुमार, जो भारत के बेहतरीन टी20 बल्लेबाज़ों में गिने जाते हैं, निरंतरता से जूझ रहे थे। 2025 में पहली बार उनका सालाना स्ट्राइक रेट 150 से नीचे गिर गया। उस साल उन्होंने 21 मैचों में सिर्फ 218 रन बनाए, औसत 13.62 और स्ट्राइक रेट 123.16 रहा।

लेकिन सही समय पर उन्होंने अपनी लय पकड़ ली। न्यूज़ीलैंड के खिलाफ पांच मैचों में सूर्यकुमार ने 80.66 के औसत और 196.74 के स्ट्राइक रेट से 242 रन बनाए। भारत ने इस दौरान तीन बार 200 से ज्यादा का स्कोर खड़ा किया, जिसमें आख़िरी मैच में बना 271/5 टीम का तीसरा सबसे बड़ा टी20 अंतरराष्ट्रीय स्कोर रहा। इसी सीरीज़ में ईशान किशन ने शानदार वापसी की, जबकि अभिषेक शर्मा ने टॉप ऑर्डर में अपना धमाकेदार फॉर्म बरकरार रखा।

टी20 वर्ल्ड कप लगातार दूसरी बार और कुल तीसरी बार जीतने के लक्ष्य पर सूर्यकुमार ने कहा, “होम मैचों में दबाव हमेशा रहता है, लेकिन बिना दबाव के खेल में मज़ा भी नहीं आता। अपने देश में लगातार दूसरा वर्ल्ड कप जीतने की कोशिश—जो आज तक किसी ने नहीं की—एक बड़ी जिम्मेदारी है, लेकिन यह सकारात्मक दबाव है। हर मैदान पर दर्शकों का जबरदस्त समर्थन मिलेगा और मैं इसे लेकर बहुत उत्साहित हूं, पूरी टीम भी।”

टीम कॉम्बिनेशन पर बात करते हुए सूर्यकुमार ने बताया कि बल्लेबाज़ी की ताकत बढ़ाने के साथ-साथ गेंदबाज़ी का संतुलन भी बनाए रखा गया है।

उन्होंने कहा, “आक्रामक टी20 क्रिकेट में हमें नंबर 7 या 8 पर एक अतिरिक्त स्पेशलिस्ट बल्लेबाज़ चाहिए। हमारे मुख्य गेंदबाज़—जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह और अक्षर पटेल—पूरे 16 ओवर निकाल सकते हैं, जो हमें बड़ा फायदा देता है। हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे (दो-दो ओवर) और कभी-कभी अभिषेक शर्मा हमें अतिरिक्त विकल्प देते हैं। ऐसे में सात बल्लेबाज़ + ऑलराउंडर और एक आठवां बल्लेबाज़ वाला संयोजन वर्ल्ड कप के लिए आदर्श है।”

उन्होंने अपने बल्लेबाज़ों को खुलकर खेलने की भी छूट दी है।

“हर खिलाड़ी की अपनी पहचान है—अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, संजू सैमसन—सब अपनी स्टाइल में खेलते हैं। मैंने उन्हें वही करने को कहा है। अगर पहली गेंद पर छक्का मारना सही लगे, तो मारो। पिच के हिसाब से फैसले लो। उनके निडर खेल ने मेरी कप्तानी आसान कर दी है।”

हालांकि ओपनर के तौर पर विकेटकीपर-बल्लेबाज़ कौन होगा, इस पर अंतिम फैसला वर्ल्ड कप के पहले मैच से ठीक पहले लिया जाएगा।

सूर्यकुमार ने कहा, “तिलक वर्मा की स्थिति अभी साफ नहीं है, लेकिन सुना है कि वह अच्छी बल्लेबाज़ी कर रहे हैं। अगर वह लौटते हैं तो चयन मुश्किल होगा, क्योंकि टीम के सभी 15 खिलाड़ी प्लेइंग इलेवन के दावेदार हैं। ओपनर के तौर पर ईशान किशन और संजू सैमसन में से किसे चुना जाएगा, यह फैसला 7 फरवरी को सामने आएगा।”

टी20 वर्ल्ड कप से पहले सूर्यकुमार यादव की यह वापसी और साफ रणनीति भारत के लिए बड़े आत्मविश्वास का संकेत है।