टी20I में बेहतरीन प्रदर्शन के बाद अभिषेक शर्मा ने ‘मसल गेम’ को किया खारिज!

नागपुर में खेले गए पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ भारत की जीत में अहम भूमिका निभाने के बाद युवा ओपनर अभिषेक शर्मा ने कहा कि वह ताकत के दम पर हिट करने (रेंज-हिटिंग) में विश्वास नहीं रखते, बल्कि अपनी टाइमिंग और स्वाभाविक अंदाज़ पर भरोसा करते हैं। उन्होंने परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने की अहमियत पर भी ज़ोर दिया।

35 गेंदों पर आठ छक्कों और पांच चौकों की मदद से तूफानी 84 रन बनाने वाले 25 वर्षीय अभिषेक ने भारत को 238/7 के विशाल स्कोर तक पहुँचाया, जिसके दम पर भारत ने सीरीज़ का पहला मुकाबला 48 रन से जीत लिया।

पोस्ट-मैच प्रेज़ेंटेशन में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बने अभिषेक ने कहा, “पहले दिन से ही हमारे पास एक प्लान था और हम उसी पर चल रहे हैं। मैंने समझ लिया है कि अगर आपको हर गेंद मारनी है या 200 के स्ट्राइक रेट से खेलना है, तो इंटेंट ज़रूरी है। हर टीम मेरे लिए योजना बनाकर आती है। यह मेरी तैयारी पर निर्भर करता है। मैं अपने इंस्टिंक्ट पर भरोसा करता हूं।”

उन्होंने आगे कहा,
“मुझे नहीं लगता कि मेरी भूमिका बहुत हाई-रिस्क है या यह मेरा कम्फर्ट ज़ोन है। लेकिन मैं पहले छह ओवरों में बड़े शॉट खेलने की प्रैक्टिस करता हूं। मैं कभी रेंज-हिटिंग नहीं करता। मैं ज़्यादा टाइमिंग वाला बल्लेबाज़ हूं। मुझे गेंद को देखना होता है और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना होता है। इसके लिए मैं नेट सेशन में प्लान बनाता हूं। अगर आप अपने बैटिंग वीडियो देखते हैं, तो आपको समझ आता है कि गेंदबाज़ आपको कहां गेंद डालता है।”

भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अभिषेक की तैयारी की जमकर तारीफ की और कहा कि मैदान के बाहर की मेहनत का असर मैदान पर साफ दिखता है।

“जिस तरह से वह तैयारी करता है, वह सिर्फ मैच में बल्लेबाज़ी तक सीमित नहीं है। होटल में, टीम बस में, खुद को जिस तरह से संभालता है—ये छोटी-छोटी बातें मैदान पर झलकती हैं और अब वह इसका फल पा रहा है।”

सूर्यकुमार ने शुरुआती झटकों के बाद भी बल्लेबाज़ी इकाई की वापसी की सराहना की।

“जब बोर्ड पर इतने रन लगते हैं और अगर ओस भी हो, तो यह बड़ा पॉज़िटिव होता है। पावरप्ले में हम 25/2 थे, दबाव में थे, लेकिन हमने 15वें ओवर तक खेल को खींचा और फिर सभी बल्लेबाज़ों ने लगातार रन बनाए।”

टीम संयोजन पर उन्होंने कहा, “यह कॉम्बिनेशन अच्छा दिख रहा है। टीम के तौर पर यह काम कर रहा है, तो हम इसे जारी रखेंगे।”

सूर्यकुमार ने अपनी 22 गेंदों पर 32 रन की पारी और अभिषेक के साथ 99 रन की साझेदारी को भी अहम बताया।

“जब मैं बल्लेबाज़ी करने आया, तो सही समय था। दबाव की स्थिति थी, जिसमें मैं पहले भी खेल चुका हूं। नेट्स में मैं अच्छी बल्लेबाज़ी कर रहा था, बस वक्त की बात थी। मेरी पहचान नहीं बदली है। जो शॉट मैंने खेले, वो पिछले 2-3 हफ्तों से प्रैक्टिस में कर रहा हूं।”

फील्डिंग में कुछ चूकों पर भी कप्तान ने टीम का समर्थन किया।

“इतनी ओस में कुछ गलतियां हो जाती हैं। मैं अपने फील्डर्स का सपोर्ट करता हूं। हम इस विभाग में लगातार सुधार करने की कोशिश कर रहे हैं।”

निचले क्रम में 44 रन बनाने वाले रिंकू सिंह ने माना कि टीम में अंदर-बाहर होने से उन पर दबाव था।

“मुझ पर दबाव था क्योंकि मैं टीम में अंदर-बाहर हो रहा था। प्लान था सिंगल लेना और फिर बड़े शॉट खेलना, और अंत तक टिके रहना। वही किया। जीजी सर ने कहा था इंटेंट बनाए रखना है। हम इस कॉन्फिडेंस और मोमेंटम को वर्ल्ड कप तक ले जाना चाहते हैं और जीतना चाहते हैं।”

न्यूज़ीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने भारत की घरेलू ताकत को स्वीकार किया।

“भारत घर पर बहुत मजबूत टीम है। पिछले दो सालों में उनका रिकॉर्ड शानदार रहा है। हमारे लिए यह एक अच्छा मैच था।”

यह जीत भारत के लिए न सिर्फ सीरीज़ की शानदार शुरुआत रही, बल्कि अभिषेक शर्मा के आत्मविश्वास और परिपक्व बल्लेबाज़ी का भी बड़ा सबूत बनी।