
पिछले हफ्ते न्यूज़ीलैंड के खिलाफ 1-2 से सीरीज़ हार के दौरान रोहित शर्मा का प्रदर्शन खास नहीं रहा। तीनों मैचों में अच्छी शुरुआत मिलने के बावजूद वह उसे बड़े स्कोर में नहीं बदल पाए। ऑस्ट्रेलिया और फिर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शानदार फॉर्म के बाद रोहित इस सीरीज़ में वनडे के टॉप बल्लेबाज़ के रूप में उतरे थे। लेकिन गलत टाइमिंग की वजह से उन्होंने पहले दो मैचों में 26 और 24 रन ही बनाए।
रविवार को इंदौर के होलकर स्टेडियम में 338 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए लगभग 39 साल के होने वाले रोहित सिर्फ 11 रन बनाकर आउट हो गए। भारत की शीर्ष क्रम की बल्लेबाज़ी बिखर गई और टीम 296 रन पर सिमटकर सीरीज़ निर्णायक मुकाबला 41 रन से हार गई।
राजकोट में दूसरे वनडे में हार के बाद भारत के सहायक कोच रयान टेन डोशेट ने यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया कि सीनियर ओपनर को हाल में पर्याप्त मैच खेलने का मौका नहीं मिला।
उन्होंने कहा था, “वह कभी अपने लिए खेलने वाले खिलाड़ी नहीं रहे हैं। बस विकेट थोड़े मुश्किल थे और शायद सीरीज़ से पहले उन्हें ज्यादा क्रिकेट खेलने का मौका नहीं मिला।”
हालांकि, कप्तान शुभमन गिल ने रोहित का बचाव करते हुए उनकी मौजूदा फॉर्म पर उठे सवालों को खारिज किया।
गिल ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “मुझे लगता है वह बेहतरीन फॉर्म में रहे हैं – ऑस्ट्रेलिया सीरीज़ से लेकर दक्षिण अफ्रीका सीरीज़ तक। हर बार शुरुआत को बड़े स्कोर में बदल पाना संभव नहीं होता। पहले दो वनडे में भी उन्हें अच्छी शुरुआत मिली थी।”
उन्होंने आगे कहा, “एक बल्लेबाज़ के तौर पर आप हमेशा चाहते हैं कि शुरुआत को शतक में बदलें, लेकिन हर बार ऐसा हो पाना संभव नहीं है। फिर भी यही कोशिश रहती है।”
इस बीच, पूर्व न्यूज़ीलैंड तेज़ गेंदबाज़ साइमन डूल ने निर्णायक मैच में रोहित के आउट होने के बाद सवाल उठाया कि क्या उनमें 2027 विश्व कप तक वनडे खेलने की ‘भूख’ अब भी बाकी है।
डूल ने कहा, “मुझे लगता है रोहित के पास हमेशा कोई न कोई लक्ष्य रहा है – चाहे टी20 विश्व कप हो या 50 ओवर का विश्व कप। लेकिन 2027 का विश्व कप दक्षिण अफ्रीका में है, जो अभी काफी दूर है। क्या उनमें अब भी वही भूख है?”
उन्होंने आगे जोड़ा, “हर साल अलग होता है। हर टीम किसी न किसी आईसीसी टूर्नामेंट के लिए तैयारी करती रहती है। सवाल यही है कि क्या वह अब भी उसी जुनून के साथ आगे बढ़ रहे हैं?”
अब देखना दिलचस्प होगा कि रोहित शर्मा आने वाले मुकाबलों में इस बहस का जवाब अपने प्रदर्शन से कैसे देते हैं।








