T20 वर्ल्ड कप: वरुण चक्रवर्ती ने अपनी तैयारियों का खुलासा किया!

भारतीय स्पिनर वरुण चक्रवर्ती का मानना है कि T20 वर्ल्ड कप की उनकी तैयारी सही लेंथ पर भरोसा रखने, आत्मविश्वास बनाए रखने और आसान दिखने वाले मैचों में भी खुद पर मानसिक दबाव डालते रहने पर केंद्रित है।

34 वर्षीय वरुण ने अब तक 32 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 51 विकेट लिए हैं, जिनमें मौजूदा पांच मैचों की सीरीज़ के पहले तीन मुकाबलों में लिए गए छह विकेट शामिल हैं। 7 फरवरी से 8 मार्च तक भारत और श्रीलंका में होने वाले T20 वर्ल्ड कप में भारत के खिताब बचाव अभियान में वरुण की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है।

JioHotstar के शो ‘Follow The Blues’ में बात करते हुए कर्नाटक में जन्मे इस स्पिनर ने कहा, “वर्ल्ड कप के लिए तैयार रहने के लिए खुद पर लगातार दबाव डालना बहुत जरूरी है। आपको तब भी खुद को चुनौती देनी होती है, जब कोई चुनौती नज़र नहीं आ रही हो। अगर कोई मैच आसान लग रहा है, तो भी आपको मानसिक रूप से खुद पर दबाव बनाकर खुद को चुनौती देनी चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा, “आत्मविश्वास, सही लेंथ पर गेंदबाज़ी करना और विपक्ष को समझना बेहद अहम है। यही वो मुख्य बातें हैं, जिन्हें मैं वर्ल्ड कप में साथ लेकर जाना चाहता हूं। अगर विपक्ष को बेहतर तरीके से समझा जाए, तो मुझे लगता है कि मैं अच्छा प्रदर्शन कर सकता हूं।”

वरुण के मुताबिक, हाल के समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी सफलता का राज बुनियादी बातों पर टिके रहना और अपनी क्षमता पर भरोसा करना रहा है।

उन्होंने कहा, “मेरा प्लान बहुत सिंपल है—बेसिक्स पर टिके रहना और अपनी लेंथ पर गेंदबाज़ी करना। कभी-कभी यह काम करता है और शुक्र है कि पिछले तीन मैचों में यह अच्छी तरह से काम किया है। अगले मैच में भी मैं यही करने की कोशिश करूंगा।”

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच पांचवां और आखिरी टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच शुक्रवार को अहमदाबाद में खेला जाएगा।

वरुण ने आत्मविश्वास के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “जब आप आत्मविश्वास में नहीं होते, तो आपकी मानसिकता आपके कौशल को प्रभावित करती है। सबसे जरूरी है खुद पर भरोसा रखना और अपनी स्किल्स को बैक करना। जब आप ऐसा करते हैं, तब बिना ज्यादा बदलाव के बेहतर तरीके से प्रदर्शन कर पाते हैं। यही निरंतरता का राज है।”

उन्होंने आगे कहा, “इस स्तर पर निरंतरता बहुत जरूरी है। शीर्ष स्तर पर खेलना आपको यह समझने में मदद करता है कि आप कहां खड़े हैं। अपने पहले अंतरराष्ट्रीय मैच में मुझे शुरुआत में थोड़ी दिक्कत हुई थी, और वहीं से मैंने कई चीजें समझीं। फिर मैं अभ्यास में लौटा और सुधार किए। इसलिए लगातार उच्च स्तर पर खेलते रहना बेहद जरूरी है।”