
शुक्रवार को अहमदाबाद में खेले जाने वाले पांचवें और आखिरी टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भारत की कोशिश होगी कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ यह चुनौतीपूर्ण घरेलू सीरीज़ सकारात्मक नतीजे के साथ खत्म हो। इस सीरीज़ ने जहां कुछ कमजोरियां उजागर की हैं, वहीं चयन को लेकर कई अहम सवाल भी खड़े किए हैं।
टेस्ट सीरीज़ में 0-2 से हार झेलने के बाद भारत ने वनडे सीरीज़ अपने नाम की थी और अब टी20 सीरीज़ में भी बुधवार को लखनऊ में खराब मौसम के कारण चौथा मैच रद्द होने के बाद भारत 2-1 की अजेय बढ़त बनाए हुए है।
टी20 विश्व कप में अब दो महीने से भी कम समय बचा है और ऐसे में कप्तान सूर्यकुमार यादव और उपकप्तान शुभमन गिल दोनों ही अपनी-अपनी फॉर्म से जूझ रहे हैं। ऐसे में दबाव में चल रहे हेड कोच गौतम गंभीर के लिए राहत की बात यही है कि भारत यह सीरीज़ हार नहीं सकता।
जिस फॉर्मेट में सूर्यकुमार यादव की भारतीय XI में जगह लगभग तय मानी जाती है, उसी में उनका फॉर्म बुरी तरह गिरा है। हाल ही में दुनिया के नंबर एक बल्लेबाज़ रहे सूर्यकुमार ने इस साल 20 मैचों की 18 पारियों में बिना एक भी अर्धशतक लगाए सिर्फ 213 रन बनाए हैं, उनका औसत महज़ 14.20 रहा है। उनकी हर नाकामी भारतीय खेमे की चिंता बढ़ा रही है।
इस बीच शुभमन गिल को लेकर दुविधा और गहरा गई है। टी20I में उपकप्तान के तौर पर वापसी ने भले ही कुछ महीने पहले सूर्यकुमार पर दबाव बनाया हो, लेकिन गिल का फीका प्रदर्शन और अब ताज़ा चोट ने टीम की परेशानी बढ़ा दी है।
चौथे टी20I से पहले पैर के अंगूठे में चोट लगने के कारण शुभमन गिल के आखिरी मुकाबला खेलने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है। भारत कोई जोखिम नहीं लेना चाहेगा, खासकर तब जब शीर्ष क्रम के लिए संजू सैमसन एक तैयार विकल्प मौजूद हैं।
हालांकि चोटिल होने के बावजूद गिल गुरुवार को अहमदाबाद पहुंच गए थे। यह अभी साफ नहीं है कि पांचवें टी20I में उन्हें चयन के लिए उपलब्ध माना जाएगा या फिर उनकी जगह संजू सैमसन को मौका मिलेगा।
गिल पहले भी कोलकाता में खेले गए पहले टेस्ट के दौरान गर्दन में चोट के चलते दो टेस्ट मैचों का अधिकांश हिस्सा नहीं खेल पाए थे, जिससे उनके व्यस्त शेड्यूल और बढ़ती जिम्मेदारियों पर भी सवाल उठे थे।
संजू सैमसन निचले क्रम के लिए कभी आदर्श विकल्प नहीं रहे हैं। नंबर 5 पर उनका रिकॉर्ड भी खास नहीं है—आठ मैचों में उन्होंने सिर्फ 138 रन बनाए हैं, औसत 23 रहा है। हालांकि, उनके तीन टी20I शतक और एक अर्धशतक सभी 14 पारियों में ओपनिंग करते हुए आए हैं, इसलिए अगर गिल नहीं खेलते हैं तो केरल के इस विकेटकीपर-बल्लेबाज़ के पास खुद को साबित करने का सुनहरा मौका होगा।
इन सबके अलावा, ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या और शिवम दुबे अब तक खेले गए तीनों मैचों में टीम का हिस्सा रहे हैं। गेंदबाज़ी में अर्शदीप सिंह धीरे-धीरे अपनी लय में लौटते दिख रहे हैं और हर्षित राणा के साथ उनकी जोड़ी असरदार साबित हो रही है।
जसप्रीत बुमराह व्यक्तिगत कारणों से तीसरा टी20I मिस करने के बाद चौथे मैच से पहले टीम से जुड़ गए थे। वहीं, छह विकेट के साथ वरुण चक्रवर्ती इस सीरीज़ में भारत के सबसे सफल गेंदबाज़ हैं, हालांकि उन्हें बल्लेबाज़ों के अनुकूल पिचों पर चुनौती का सामना करना होगा।
पांच मैचों की सीरीज़ में भारत 2-1 से आगे है और शुक्रवार का मुकाबला भारत का इस कैलेंडर वर्ष का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच होगा। इसके बाद 11 जनवरी से भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच तीन मैचों की वनडे और पांच मैचों की टी20I सीरीज़ शुरू होगी।
दक्षिण अफ्रीका के लिए यह मैच सीरीज़ बराबर करने और सम्मानजनक अंत करने का मौका होगा। टी20I सीरीज़ में खासकर बल्लेबाज़ी में उनका प्रदर्शन अस्थिर रहा है। वे शीर्ष क्रम में रीज़ा हेंड्रिक्स की जगह एडेन मार्करम को आज़माने पर विचार कर सकते हैं।
इसके अलावा, युवा और खतरनाक बल्लेबाज़ डेवॉल्ड ब्रेविस से भी मेहमान टीम को बड़ी पारी की उम्मीद होगी। गेंदबाज़ी में लुंगी एनगिडी और ओटनील बार्टमैन ने ठीक-ठाक प्रदर्शन किया है, लेकिन वनडे सीरीज़ में टीम को कड़ी टक्कर देने वाले मार्को यानसन से उन्हें अब तक वैसी पारियां नहीं मिली हैं।
संभावित टीमें:
भारत: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), शुभमन गिल (उपकप्तान), संजू सैमसन (विकेटकीपर), जितेश शर्मा (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, हार्दिक पांड्या, शाहबाज़ अहमद, वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा, कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती
दक्षिण अफ्रीका: एडेन मार्करम (कप्तान), डेवॉल्ड ब्रेविस, क्विंटन डी कॉक (विकेटकीपर), रीज़ा हेंड्रिक्स, डेविड मिलर, ट्रिस्टन स्टब्स, कॉर्बिन बॉश, डोनोवन फरेरा, मार्को यानसन, जॉर्ज लिंडे, ओटनील बार्टमैन, केशव महाराज, लुंगी एनगिडी, एनरिच नोर्तजे, लुथो सिपामला








