
दक्षिण अफ्रीका से करारी टेस्ट सीरीज़ हार के बाद अब भारत को एक “खतरनाक, कॉन्फिडेंट” प्रोटीज़ टीम का सामना करना है। ऐसे में भारत के बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्केल ने कहा कि टीम को तुरंत रीसेट होकर व्हाइट-बॉल क्रिकेट पर फोकस करना होगा।
भारत टेस्ट सीरीज़ कोलकाता और गुवाहाटी में हारकर 0-2 की शर्मनाक व्हाइटवॉश के साथ वनडे सीरीज़ में उतरेगा।
रांची में रविवार से शुरू होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज़ से पहले मोर्केल ने कहा कि टेस्ट से व्हाइट-बॉल फॉर्मेट में स्विच करना मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण है, लेकिन टीम तैयार है।
मोर्केल बोले— “पिछले दो हफ्ते हमारे लिए निराशाजनक थे, लेकिन अब हमें सोचने का समय मिला है। अब सबसे ज़रूरी है कि हम अपनी पूरी ऊर्जा व्हाइट-बॉल टीम पर लगाएं।”
उन्होंने आगे कहा— “हमने पिछले कुछ सालों में बेहतरीन व्हाइट-बॉल क्रिकेट खेला है। मैं आने वाले दो हफ्तों को लेकर उत्साहित हूं। भारत के लिए खेलना सबसे ऊपर है, फॉर्मेट चाहे जो भी हो।”
“दक्षिण अफ्रीका के पास मोमेंटम है, कॉन्फिडेंट टीम हमेशा खतरनाक होती है” – मोर्केल
उन्होंने चेतावनी दी कि टेस्ट सीरीज़ जीतकर दक्षिण अफ्रीका के हौसले बुलंद होंगे।
“जर्सी का रंग बदलने से एनर्जी बदल जाती है, लेकिन दक्षिण अफ्रीका के पास मोमेंटम है। हमें अगला एक-दो हफ्ता बहुत मज़बूती से शुरू करना होगा और पिछली हार भूलनी होगी।”
2026 T20 वर्ल्ड कप करीब आने के बावजूद मोर्केल ने कहा कि यह वनडे सीरीज़ महज़ तैयारी नहीं है।
“हर बार जब आप इंडिया जर्सी पहनते हैं, आप करोड़ों फैन्स को रिप्रेज़ेंट करते हैं। हमारा फोकस सिर्फ़ एक है—टीम के ड्रेसिंग रूम में फिर से मोमेंटम लाना।”
उन्होंने विराट कोहली और रोहित शर्मा की टीम में वापसी को लेकर खुशी जताई।
जब पुछा गया कि ऋषभ पंत और केएल राहुल साथ खेलेंगे या नहीं, मोर्केल ने कहा— “मैं सिर्फ बॉलिंग को देखता हूं… सिलेक्शन में नहीं पड़ता।”
मोर्केल बोले— “प्लेन से उतरते ही ठंड लगी… रात में गेंद क्या करेगी, ये देखने लायक होगा। आज लाइट्स में प्रैक्टिस है—तभी पता चलेगा।”
उन्होंने कहा कि विकेट “काफी दक्षिण अफ्रीकी जैसा” है।
“कंबिनेशन पर आज रात चर्चा होगी।”
“शुभमन तेजी से रिकवर कर रहे हैं। श्रेयस ने रिहैब शुरू कर दिया है। दोनों फिट होकर जल्द लौटेंगे।”
कुछ सीनियरों के रेस्ट होने पर मोर्केल ने कहा— “यह अर्शदीप, हर्षित और प्रसिद्ध के लिए शानदार मौका है। क्वालिटी बल्लेबाज़ी लाइनअप के खिलाफ खेलना दबाव झेलने और डेथ बॉलिंग सीखने का मौका देगा।”
मोर्केल का शानदार जवाब— “मैं हमेशा अनुभव पर भरोसा करता हूं। उन्होंने ट्रॉफियां जीती हैं, बड़े टूर्नामेंट कैसे खेले जाते हैं—यह उन्हें आता है। अगर वो मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार हैं, तो 2027 ज़्यादा दूर नहीं है।”








