
गौतम गंभीर ने ईडन गार्डन्स की पिच को लेकर हो रही आलोचनाओं को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि यह वही विकेट था जिसकी टीम ने माँग की थी। भारत तीसरे दिन 124 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए सिर्फ 93 पर ऑलआउट हो गया और 30 रन से मैच हार गया, लेकिन गंभीर ने पिच को लेकर किसी भी तरह की कमी मानने से इनकार कर दिया।
पोस्ट-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर बोले, “यह बिल्कुल भी अनप्लेयेबल विकेट नहीं था। हमने जो पिच माँगी थी, हमें वही मिली है। क्यूरेटर (सुजन मुखर्जी) भी बहुत सहयोगी थे। यह वही पिच है जो आपकी मानसिक मजबूती की परीक्षा लेती है। जिन खिलाड़ियों ने अच्छा डिफेंस खेला, उन्होंने रन बनाए।”
गंभीर ने अपने दावे के समर्थन में वॉशिंगटन सुंदर (31 रन 92 गेंद) और टेंबा बवुमा (नाबाद 55) के उदाहरण दिए।
उन्होंने कहा, “यह ठीक वैसी ही पिच थी जैसी हमें चाहिए थी। इसमें कोई दिक्कत या डर नहीं था। अक्षर, टेंबा, वॉशिंगटन—सबने रन बनाए। अगर आप कहते हैं ये टर्निंग विकेट था, तो ज्यादातर विकेट तो तेज़ गेंदबाज़ों ने लिए।”
गंभीर ने यह भी बताया कि टीम ने जानबूझकर सूखी पिच माँगी थी ताकि टॉस का महत्व कम हो जाए।
उन्होंने कहा, “हम स्पिनरों को दिन एक से मदद मिले, ऐसी पिच चाहते हैं ताकि टॉस इतना महत्वपूर्ण न बन पाए। अगर हम मैच जीत जाते, तो पिच को लेकर इतनी बातें नहीं होतीं। हमारी टीम किसी भी परिस्थिति में प्रदर्शन करने में सक्षम है।”
शुभमन गिल की चोट को लेकर गंभीर ने कहा, “उनका आंकलन अभी चल रहा है। फिज़ियो आज फैसला करेंगे।”








