
ऑस्ट्रेलिया की चुनौती का सामना करने के लिए अभिषेक शर्मा ने महीनों तक खुद को मानसिक और तकनीकी तौर पर तैयार किया। युवा ओपनर ने ऑस्ट्रेलिया में भारत की कठिन 2-1 जीत में प्लेयर ऑफ द सीरीज़ का खिताब जीता।
24 वर्षीय अभिषेक का कहना है कि वह लंबे समय से ऑस्ट्रेलिया की उछालभरी पिचों और विश्वस्तरीय पेस अटैक के खिलाफ खुद को आज़माना चाहते थे। इस सीरीज़ में, बारिश से 2 मैच रद्द होने के बावजूद, उन्होंने 163 रन ठोके और स्ट्राइक रेट रहा 161.39 — पूरी सीरीज़ में सबसे ज़्यादा।
अभिषेक बोले- “मैं इस टूर्नामेंट का इंतज़ार कर रहा था। जैसे ही पता चला कि टी20आई के लिए ऑस्ट्रेलिया जाना है, मैं बहुत उत्साहित हो गया था।”
उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया की बैटिंग-फ्रेंडली पिचों और तेज़ गेंदबाजों के खिलाफ खेलना उनके लिए एक बड़ा लक्ष्य था।
“अगर आपको अपनी टीम के लिए अच्छा खेलना है, तो आपको विश्वस्तरीय बॉलर्स का सामना करना होगा। मैं इन्हीं गेंदबाजों के लिए प्रैक्टिस कर रहा था, क्योंकि खिलाड़ी की असली ग्रोथ इसी से होती है।”
ऑस्ट्रेलिया के स्टार पेसर जॉश हेज़लवुड के तीन मैच न खेलने पर पूछे गए सवाल पर अभिषेक बोले— “फर्क नहीं पड़ता। आपको हर तरह की गेंदबाजी का सामना करना ही होता है।”
उन्होंने अपनी आक्रामक बल्लेबाज़ी का श्रेय टीम मैनेजमेंट की स्पष्टता और भरोसे को दिया— “कप्तान और कोच ने मुझे क्लैरिटी दी कि बस जाकर खुलकर खेलो। रन बनते हुए लगता है कि लंबी पारी खेली जा सकती है, लेकिन टीम के लिए मोमेंटम सेट करने की आज़ादी बहुत मदद करती है।”
अभिषेक ने कहा कि यह सीरीज़ उन्हें अगले साल टी20 वर्ल्ड कप में जगह बनाने के लिए और दृढ़ बना गई है— “अगर मैं वर्ल्ड कप खेल पाया, तो वो सपना सच होने जैसा होगा। बचपन से यही ख्वाहिश थी कि भारत के लिए वर्ल्ड कप जीतूं।”
ऑस्ट्रेलियाई कप्तान मिचेल मार्श ने भी माना कि भारत ने महत्वपूर्ण मौकों पर उनसे बेहतर खेला— “बहुत बारिश रुकावट बनी, लेकिन सीरीज़ शानदार रही। भारत ने वही मैच जीते, जहां ज़रूरत थी — बधाई उन्हें।”
मार्श ने कहा कि इस दौरे ने उनकी टीम को वर्ल्ड कप के लिए संयोजन मजबूत करने के मौके दिए— “हमारी टीम की फ्लेक्सिबिलिटी और एडेप्टेबिलिटी शानदार रही। हर खिलाड़ी ने अपनी भूमिका निभाई।”
भारत के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अपनी टीम की बोलिंग की जमकर तारीफ की— “बुमराह–अर्शदीप घातक कॉम्बिनेशन हैं। अक्षर, वरुण और वॉशिंगटन सुंदर ने शानदार काम किया। सभी जानते हैं कि उन्हें क्या करना है।”
उन्होंने कहा कि आने वाली कठिन सीरीज़ भारत को वर्ल्ड कप के लिए और तैयार करेगी— “अच्छा सिरदर्द है — इतने खिलाड़ी फॉर्म में हैं। घर में वर्ल्ड कप खेलना चुनौती भी होगा और रोमांच भी।”
सूर्या बोले— “हाल ही में महिलाओं की टीम को वर्ल्ड कप जीतते देखा — अविश्वसनीय सपोर्ट मिला उन्हें। हमारे लिए भी बड़ा मंच होगा, लेकिन अभी दो और सीरीज़ बाकी हैं।”








